CG News: छत्तीसगढ़ में मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने बड़ा कदम उठाया है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से 45 चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इन डॉक्टरों को उन इलाकों में तैनात किया गया है, जहां लंबे समय से डॉक्टरों की कमी बनी हुई थी।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, समय पर उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराकर मातृ मृत्यु दर में कमी लाना है।
दुर्गम क्षेत्रों में मिलेगा अधिक वेतन
एनएचएम ने दूरस्थ और पहुंचविहीन स्वास्थ्य केंद्रों में सेवा देने वाले डॉक्टरों के लिए विशेष वेतन पैकेज तय किया है। सबसे कठिन क्षेत्रों में तैनात डॉक्टरों को 1.01 लाख रुपये तक का मासिक पैकेज मिलेगा।
दरभा, कटेकल्याण और सुकमा जैसे अत्यंत दुर्गम इलाकों को इस श्रेणी में रखा गया है। वहीं अपेक्षाकृत कम कठिन क्षेत्रों में तैनात डॉक्टरों को 70 हजार से 84 हजार रुपये तक का पैकेज दिया जाएगा। मैदानी क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में नियुक्त डॉक्टरों को 58,100 रुपये मासिक मानदेय मिलेगा।
डॉक्टरों के लिए सख्त नियम
नई व्यवस्था के तहत नियुक्त डॉक्टर निजी प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे। उन्हें अपनी पदस्थापना वाले क्षेत्र में ही रहना अनिवार्य होगा और 24 घंटे अस्पताल के आसपास उपलब्ध रहना होगा, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके।
यदि कोई डॉक्टर निर्धारित स्थान से बाहर रहकर सेवा नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसकी सेवा समाप्त की जा सकती है। फिलहाल सभी नियुक्तियां 31 मार्च 2027 तक के लिए की गई हैं। प्रदर्शन संतोषजनक रहने पर सेवा अवधि बढ़ाई जा सकती है।
मातृ मृत्यु दर कम करना बड़ी चुनौती
राज्य में मातृ मृत्यु दर को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ अभी भी मातृ मृत्यु अनुपात वाले राज्यों में ऊंचे स्थान पर है। इसी वजह से दूरस्थ क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने और प्रसूति सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

