CG Chain Snatching: भिलाई में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे एक छात्र और छात्रा चेन स्नेचिंग की वारदातों को अंजाम देते पकड़े गए हैं। पुलिस के अनुसार दोनों अपने शौक पूरे करने और पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए सुबह स्कूटी से निकलते थे और अकेले टहल रही बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बनाते थे। सुपेला पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
स्कूटी से आकर चेन झपटकर फरार
पुलिस के मुताबिक, युवती स्कूटी चलाती थी, जबकि पीछे बैठा युवक मौका मिलते ही महिला के गले से सोने की चेन झपट लेता था। वारदात के तुरंत बाद दोनों तेज रफ्तार से फरार हो जाते थे। पहचान छिपाने के लिए दोनों हेलमेट पहनते और चेहरे पर कपड़ा बांधकर निकलते थे।
दो वारदातें कबूल
पूछताछ में आरोपियों ने 31 जुलाई और 20 सितंबर को हुई दो चेन स्नेचिंग की घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने उनके कब्जे से सोने की चेन का बचा हुआ हिस्सा और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद कर ली है। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
वारदात CCTV में कैद
पहली घटना 31 जुलाई की सुबह करीब 6:32 बजे हुई थी। गीता देवी (62) अपने घर के सामने टहल रही थीं, तभी स्कूटी सवार दोनों आरोपियों ने उनके गले से सोने की चेन झपट ली। घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और आरोपियों की तलाश शुरू की।
एक ही महिला को दोबारा बनाया निशाना
20 सितंबर को नेहरू नगर ईस्ट की विद्या विहार कॉलोनी में उसी महिला के साथ दोबारा चेन स्नेचिंग की घटना हुई। लगातार दूसरी वारदात के बाद पुलिस ने दोनों मामलों को जोड़कर जांच की। सीसीटीवी फुटेज से स्कूटी और आरोपियों की पहचान हुई।
दोनों इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे
पुलिस ने विक्की नायक को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपनी साथी तरुणा सिन्हा के साथ दोनों वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की। विक्की नायक (23) मध्यप्रदेश के बालाघाट का निवासी है और दुर्ग के तितुरडीह में रहकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। वहीं तरुणा सिन्हा (20) राजनांदगांव की रहने वाली है और तितुरडीह में रहकर पढ़ाई कर रही है।
शौक पूरे करने के लिए बने चेन स्नेचर
पुलिस के अनुसार दोनों आपस में दोस्त हैं। महंगे शौक और खर्च पूरे करने के लिए उन्होंने चेन स्नेचिंग का रास्ता अपनाया। वे सुबह ऐसे इलाकों में घूमते थे, जहां बुजुर्ग महिलाएं मॉर्निंग वॉक के लिए निकलती थीं और उन्हें आसान निशाना बनाकर वारदात को अंजाम देते थे।




