CG Breaking: दुकानों में अब नहीं चलेगा कैश बंद भुगतान, दारु लेने ऑनलाइन करना होगा भुगतान

CG Breaking: छत्तीसगढ़ में प्रीमियम शराब दुकानों पर भुगतान की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। आबकारी विभाग ने प्रदेश की सभी प्रीमियम शराब दुकानों को कैशलेस करने का फैसला लिया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्राहक शराब खरीदने के लिए नकद भुगतान नहीं कर सकेंगे। उन्हें QR कोड स्कैन कर ऑनलाइन भुगतान करना होगा।

CG Breaking: छत्तीसगढ़ में प्रीमियम शराब दुकानों पर भुगतान की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। आबकारी विभाग ने प्रदेश की सभी प्रीमियम शराब दुकानों को कैशलेस करने का फैसला लिया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्राहक शराब खरीदने के लिए नकद भुगतान नहीं कर सकेंगे। उन्हें QR कोड स्कैन कर ऑनलाइन भुगतान करना होगा।

आबकारी विभाग ने यह फैसला प्रीमियम शराब दुकानों पर लगातार मिल रही ओवररेट की शिकायतों को देखते हुए लिया है। विभाग का मानना है कि कैशलेस व्यवस्था लागू होने से शराब बिक्री में पारदर्शिता आएगी और तय कीमत से ज्यादा राशि वसूलने की शिकायतों पर नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

CG आबकारी नीति 2026-27

1 अक्टूबर से नियम लागू

आबकारी विभाग के आदेश के अनुसार, प्रदेश की प्रीमियम शराब दुकानों में 1 अक्टूबर 2026 से कैशलेस भुगतान व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके बाद ग्राहक दुकान पर शराब खरीदने के बाद उपलब्ध QR कोड स्कैन कर ऑनलाइन भुगतान करेंगे।

इसके लिए सभी प्रीमियम शराब दुकानों में QR कोड उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि ग्राहकों को भुगतान करने में किसी तरह की परेशानी न हो।

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49 प्रीमियम शराब दुकानों में लागू होगा नियम

नई व्यवस्था प्रदेश की 49 प्रीमियम शराब दुकानों पर लागू होगी। इन दुकानों से शराब खरीदने वाले ग्राहकों को अब ऑनलाइन भुगतान की सुविधा का उपयोग करना होगा। विभाग का कहना है कि कैशलेस व्यवस्था से हर बिक्री का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे लेनदेन की निगरानी आसान होगी और शराब बिक्री प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।

ओवररेटिंग पर लगेगी रोक

प्रीमियम शराब दुकानों पर निर्धारित कीमत से ज्यादा राशि वसूलने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। ग्राहकों की शिकायत रहती है कि कई बार तय कीमत से अधिक पैसे लिए जाते हैं। ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था लागू होने के बाद ग्राहक के पास भुगतान का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा। इससे तय कीमत और वास्तविक भुगतान के बीच अंतर की जांच करना आसान होगा।

 

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