CG News: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। स्कूलों में ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था लागू होने के बाद सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री और कलेक्टर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी वाला वीडियो पोस्ट करना एक महिला शिक्षिका को महंगा पड़ गया। लोक शिक्षण संचालनालय ने शासकीय हाईस्कूल तुलसी की व्याख्याता निर्मला कोमल लहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।![]()
ऑनलाइन अटेंडेंस के बाद वायरल हुआ वीडियो
विभाग के अनुसार स्कूलों में वीएसके ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति लागू होने के बाद 31 अगस्त को शिक्षिका का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। आरोप है कि वीडियो में उन्होंने मुख्यमंत्री और कलेक्टर के संबंध में अनुचित टिप्पणी की थी।
वीडियो सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी, जांजगीर-चांपा ने शिक्षिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। विभाग का कहना है कि शिक्षिका का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, जिसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई।
लोक शिक्षण संचालनालय ने अपने आदेश में कहा है कि शिक्षिका का आचरण शासकीय सेवक के पदीय दायित्वों के विपरीत है। इससे शासन और विभाग की छवि धूमिल हुई है। इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 और 10 के तहत कदाचार माना गया है।
DEO कार्यालय रहेगा मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान निर्मला कोमल लहरे का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, जांजगीर-चांपा निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।


