Janmashtami 2026: रायपुर जन्माष्टमी की धूम, 101 किलो दूध से होगा अभिषेक; कोतवाली के कारागार में होगा कृष्ण जन्म

Janmashtami 2026: भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को राजधानी रायपुर के मंदिरों और धार्मिक स्थलों में विशेष आयोजन होंगे। शहरभर में भजन-कीर्तन, झांकियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम और दही हांडी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। सुबह से लेकर मध्यरात्रि तक मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी।

Janmashtami 2026: भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को राजधानी रायपुर के मंदिरों और धार्मिक स्थलों में विशेष आयोजन होंगे। शहरभर में भजन-कीर्तन, झांकियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम और दही हांडी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। सुबह से लेकर मध्यरात्रि तक मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी।

101 किलो दूध से होगा अभिषेक

समता कॉलोनी स्थित राधाकृष्ण मंदिर में सुबह 7 बजे भगवान श्रीकृष्ण का 101 किलो दूध से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद भगवान का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। सुबह 9 बजे से श्रद्धालुओं के लिए झांकी दर्शन शुरू होंगे। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। 5 सितंबर को दोपहर 2 बजे से रानी सती दादी का मंगल पाठ भी आयोजित होगा।

कोतवाली के कारागार में होगा कृष्ण जन्म

रायपुर के सिटी कोतवाली में भी इस बार भी श्रीकृष्ण जन्म उत्सव मनाया जाएगा। यहां वासुदेव, देवकी, सैनिकों की वेशभूषा में कलाकार भगवान के जन्म का मंचन करेंगे। रात 12 बजते ही थाने की लाइट कुछ देर के लिए बंद कर दी जाएगी।

Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर रायपुर के इन मंदिरों में विशेष पूजा, 11 क्विंटल मालपुआ का भोग, 101 लीटर दूध से होगा अभिषेक

जिस प्रकार वासुदेव ने श्रीकृष्ण को टोकरी में रखा और उसे अपने सिर पर रखकर कारागार से बाहर निकले, ठीक उसी प्रकार का दृश्य यहां भी नजर आएगा। कोतवाली थाने से जयकारा लगाते हुए ठाकुर जी को सदर बाजार के गोपाल मंदिर ले जाया जाएगा।

Janmashtami 2026: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर राजधानी रायपुर के मंदिरों में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 4 सितंबर को शुभ संयोग में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। मंदिरों को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया जा रहा है। विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक, भजन-कीर्तन और महाभोग के आयोजन होंगे।

जैतुसाव मठ में लगेगा 11 क्विंटल मालपुआ का भोग

पुरानी बस्ती स्थित श्री जैतुसाव मठ में जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण का स्वर्ण श्रृंगार किया जाएगा। रात 12 बजे मंत्रोच्चार के साथ जन्म आरती होगी। ठाकुर जी को 11 क्विंटल मालपुआ और 1 क्विंटल पंजीरी का भोग लगाया जाएगा। 5 सितंबर की शाम श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा।

श्री बांके बिहारी मंदिर में भजन संध्या

नयापारा स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर में सुबह 8 बजे से 10 बजे तक दुग्धाभिषेक होगा। सुबह 11:30 बजे श्रृंगार दर्शन कराए जाएंगे। दोपहर 3 बजे से भजन प्रस्तुति और शाम 7 बजे से भजन संध्या का आयोजन होगा। भजन गायक कैलाश सोनी और उनकी टीम भक्तिमय प्रस्तुतियां देंगी।

इस्कॉन मंदिर में तीन दिवसीय महोत्सव

टाटीबंध स्थित इस्कॉन मंदिर में 3 से 5 सितंबर तक तीन दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव आयोजित होगा। भक्ति नृत्य, कृष्ण बाललीला, भजन-कीर्तन, महाभिषेक, छप्पन भोग, पुष्पांजलि और महाआरती जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

 

सुहागा मंदिर में होंगे धार्मिक आयोजन

ब्राह्मणपारा स्थित श्री राधाकृष्ण स्वामी मुरली मनोहर सुहागा मंदिर में रात 8 बजे से मध्यरात्रि तक भजन-कीर्तन और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंदिर ट्रस्ट की ओर से जन्मोत्सव की विशेष तैयारियां की गई हैं।

501 लीटर दूध से होगा अभिषेक

जवाहर नगर स्थित प्राचीन श्री शिव मंदिर परिसर के श्री राधाकृष्ण मंदिर में सुबह 8:30 बजे वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान का 501 लीटर दूध से दुग्धाभिषेक किया जाएगा। सुबह 10:45 बजे भगवान को भोग लगाया जाएगा और 11 बजे आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। 5 सितंबर को यहां नंदोत्सव भी मनाया जाएगा।

दही हांडी की धूम

जन्माष्टमी के अवसर पर शहर के कई चौक-चौराहों और कॉलोनियों में दही हांडी प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। गोविंदाओं की टोलियां मटकी फोड़कर उत्सव मनाएंगी। शाम से देर रात तक भजन-कीर्तन, झांकियां और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से राजधानी भक्तिमय माहौल में डूबी रहेगी।

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