CG Election 2026: 4 नगर निगम चुनाव की सरगर्मियां शुरू, कांग्रेस के कब्जे वाले निकायों में भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर

निकायों में भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर CG Election 2026: दुर्ग जिले के भिलाई, रिसाली और भिलाई-चरौदा नगर निगम तथा रायपुर के बिरगांव नगर निगम में दिसंबर में होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। वर्ष 2021 में हुए चुनाव के समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी, जिसके चलते इन चारों नगर निगमों में कांग्रेस ने अपना कब्जा जमाया था। अब प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के कारण इन चुनावों को दोनों प्रमुख दलों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा है।

CG Election 2026: दुर्ग जिले के भिलाई, रिसाली और भिलाई-चरौदा नगर निगम तथा रायपुर के बिरगांव नगर निगम में दिसंबर में होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। वर्ष 2021 में हुए चुनाव के समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी, जिसके चलते इन चारों नगर निगमों में कांग्रेस ने अपना कब्जा जमाया था। अब प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के कारण इन चुनावों को दोनों प्रमुख दलों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिला कलेक्टरों ने वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभिन्न दलों में टिकट के दावेदारों की सक्रियता और बढ़ने की संभावना है।

महापौर चुनाव की बदली व्यवस्था

वर्ष 2023 में प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद महापौर के चुनाव की व्यवस्था में बदलाव किया गया। अब महापौर का चुनाव सीधे जनता के मतदान से होगा, जबकि पार्षदों के लिए अलग मतदान कराया जाएगा। ऐसे में इस बार का चुनाव पिछले चुनाव की तुलना में अलग और अधिक रोचक माना जा रहा है।

भिलाई और दुर्ग जिले में यह चुनाव कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू की राजनीतिक साख से भी जुड़ा माना जा रहा है।

बिरगांव नगर निगम

बिरगांव नगर निगम में वर्तमान में कांग्रेस के नंदलाल देवांगन महापौर हैं। 40 वार्डों वाले इस नगर निगम में कांग्रेस के 21 पार्षद हैं। पिछले चुनाव में यह सीट अनारक्षित थी, जबकि इस बार यह अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित की गई है। आरक्षण के बाद दोनों प्रमुख दलों में दावेदारी तेज हो गई है।

रिसाली नगर निगम

रिसाली नगर निगम का गठन वर्ष 2019 में भिलाई नगर निगम से अलग होकर हुआ था। यहां कांग्रेस की शशि सिन्हा महापौर हैं। 40 वार्डों वाले इस नगर निगम में कांग्रेस को बहुमत प्राप्त है। यह क्षेत्र पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू के प्रभाव वाला माना जाता है, जबकि वर्तमान में यहां से भाजपा के ललित चंद्राकर विधायक हैं।

भिलाई नगर निगम

70 वार्डों वाले भिलाई नगर निगम में कांग्रेस के नीरज पाल महापौर हैं। यहां कांग्रेस के 37 और भाजपा के 24 पार्षद हैं। यह नगर निगम भिलाई नगर और वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्रों में आता है। भिलाई नगर से कांग्रेस के देवेंद्र यादव विधायक हैं, जबकि वैशाली नगर से भाजपा के रिकेश सेन विधायक हैं।

भिलाई-चरौदा नगर निगम

भिलाई-चरौदा नगर निगम को हाईप्रोफाइल नगर निगम माना जाता है क्योंकि यह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का गृह क्षेत्र है। पिछले चुनाव में कांग्रेस पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर सकी थी, लेकिन दो निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से उसने अपना महापौर बनाने में सफलता प्राप्त की थी। इस बार यहां मुकाबला और अधिक दिलचस्प होने की संभावना है।

दिसंबर में होंगे चुनाव

चारों नगर निगमों में दिसंबर में चुनाव प्रस्तावित हैं। आरक्षण प्रक्रिया के बाद उम्मीदवारों के चयन और चुनाव प्रचार में तेजी आने की उम्मीद है। इन चुनावों के नतीजों पर प्रदेश की दोनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियों की प्रतिष्ठा टिकी रहेगी।

 

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