CSEB Raipur: छत्तीसगढ़ में स्मार्ट बिजली मीटर लागू करने के विरोध में रायपुर में सोमवार को विद्युत मीटर रीडर श्रमिक संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में मीटर रीडरों ने राजधानी रायपुर स्थित सीएसईबी मुख्यालय का घेराव किया। प्रदेशभर से पहुंचे मीटर रीडरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस आंदोलन को कांग्रेस का भी समर्थन मिला।![]()
कांग्रेस नेताओं ने दिया समर्थन
प्रदर्शन के दौरान डडसेना भवन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय सहित कांग्रेस के कई नेता मीटर रीडरों के बीच पहुंचे और आंदोलन का समर्थन किया। वहीं कांग्रेस की ओर से भी प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में स्मार्ट मीटर के विरोध में प्रदर्शन किया गया।
रोजगार पर संकट का दावा
मीटर रीडरों का कहना है कि स्मार्ट बिजली मीटर व्यवस्था लागू होने से वर्षों से कार्यरत मीटर रीडरों के रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है। उनका आरोप है कि कई जिलों में महीनों से मानदेय का भुगतान लंबित है और अलग-अलग जिलों में अलग-अलग दरों से भुगतान होने के कारण कर्मचारियों में नाराजगी है।
मीटर रीडरों की प्रमुख मांगें
मीटर रीडरों ने मांग की है कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था से प्रभावित कर्मचारियों के रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। जब तक उन्हें वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक प्रीपेड (रिचार्ज) बिजली व्यवस्था लागू नहीं की जाए। साथ ही पूरे प्रदेश में मीटर रीडरों के लिए समान कार्य और समान भुगतान नीति लागू करने की मांग भी की गई है।
मीटर रीडरों का कहना है कि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।


