CG Electricity Bill: छत्तीसगढ़ विधानसभा में सरकारी विभागों पर बकाया बिजली बिल का मुद्दा गूंजा। सरकार ने बताया कि मई 2026 तक राज्य में कुल 5,853.86 करोड़ रुपए का बिजली बिल बकाया है। इसमें 3,117.49 करोड़ रुपए सरकारी विभागों पर और 2,736.37 करोड़ रुपए निजी एवं अन्य उपभोक्ताओं पर बकाया हैं।![]()
सरकार ने बताई वसूली की स्थिति
कांग्रेस विधायक इंद्र साव के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार लगातार बकाया राशि की वसूली कर रही है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में मई तक सरकारी विभागों से 249.06 करोड़ रुपए की वसूली की जा चुकी है।
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस विधायक इंद्र साव ने आरोप लगाया कि बिजली कंपनी बड़े बकायादारों से प्रभावी वसूली नहीं कर पा रही है, जबकि आम उपभोक्ताओं पर बिजली दरों का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय निकाय, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा और गृह विभाग समेत कई सरकारी विभागों पर भारी बिजली बिल बकाया है।
1300 करोड़ बड़े बकायादारों पर बकाया
इंद्र साव ने दावा किया कि 1 लाख रुपए से अधिक बकाया रखने वाले बड़े उपभोक्ताओं पर करीब 1,300 करोड़ रुपए की राशि लंबित है। उनका कहना था कि यदि सरकार इन बकायों की प्रभावी वसूली कर ले, तो बिजली दरें बढ़ाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
सरकार ने दिया ये जवाब
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बिजली दरें सरकार नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग तय करता है। दरें तय करते समय बिजली खरीद की लागत, वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति, बाजार की परिस्थितियां और जनसुनवाई जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि निजी उपभोक्ताओं से नियमों के अनुसार वसूली की जा रही है और सरकारी विभागों में समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए प्रीपेड बिजली कनेक्शन की व्यवस्था लागू की जा रही है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना पर भी चर्चा
इंद्र साव ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के अधिकारी बकाया वसूली की बजाय प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रचार में अधिक व्यस्त हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आरोप सही नहीं है।
उन्होंने बताया कि राज्य में अब तक 1.85 लाख से अधिक लोगों ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में पंजीयन कराया है। इनमें से 76 हजार से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इस योजना के तहत केंद्र सरकार ने 482.56 करोड़ रुपए और राज्य सरकार ने 161 करोड़ रुपए की सहायता उपलब्ध कराई है, जिससे हजारों परिवारों का बिजली बिल शून्य या पहले की तुलना में काफी कम हो गया है।
हाल ही में बढ़ी बिजली दरें
मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 जुलाई 2026 से राज्य में नई बिजली दरें लागू हैं। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए औसतन 6.23 प्रतिशत बिजली दर वृद्धि को मंजूरी दी है। इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट और गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक बिजली दरों में वृद्धि हुई है।



