CG Electricity Bill Hike: छत्तीसगढ़ में बढ़ती महंगाई के बीच बिजली उपभोक्ताओं को जल्द ही एक और बड़ा झटका लग सकता है। राज्य में जून महीने के दौरान बिजली दरों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। नए वित्तीय सत्र के लिए बिजली टैरिफ निर्धारण की प्रक्रिया छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग में अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और जल्द ही इस पर फैसला लिया जा सकता है।![]()
गर्मी के मौसम में प्रदेश में बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। ऐसे में यदि बिजली दरों में वृद्धि होती है तो इसका सीधा असर घरेलू उपभोक्ताओं, छोटे व्यापारियों और मध्यमवर्गीय परिवारों के मासिक बजट पर पड़ेगा।
6308 करोड़ रुपये के घाटे का हवाला
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने वर्ष 2026-27 के लिए नियामक आयोग के समक्ष करीब 6308.24 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे का अनुमान प्रस्तुत किया है। कंपनी का कहना है कि इस घाटे की भरपाई के लिए घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के बिजली टैरिफ में समान रूप से वृद्धि करना आवश्यक है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष जुलाई में घोषित बिजली दरों में प्रति यूनिट लगभग 20 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी। अब एक बार फिर टैरिफ संशोधन की संभावना से उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है।
बिजली खरीद पर सबसे ज्यादा खर्च
पावर कंपनी की याचिका के अनुसार वर्ष 2026-27 में कुल 25,460.30 करोड़ रुपये के राजस्व की आवश्यकता होगी। इसमें बिजली खरीद पर 21,150.81 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है। इसके अलावा संचारण एवं रखरखाव पर 3,250.34 करोड़ रुपये, ब्याज भुगतान पर 429.50 करोड़ रुपये और अन्य मदों में 1,116.15 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।
कंपनी का दावा है कि आने वाले वर्षों में बिजली क्षेत्र का खर्च लगातार बढ़ेगा। वर्ष 2027-28 में कुल अनुमानित खर्च 27,306.02 करोड़ रुपये, वर्ष 2028-29 में 30,307.93 करोड़ रुपये और इसके बाद भी वृद्धि की संभावना जताई गई है।
जनसुनवाई पूरी, अंतिम फैसले का इंतजार
नए टैरिफ प्रस्ताव को लेकर फरवरी माह में जनसुनवाई की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इसके बाद नियामक आयोग ने अतिरिक्त दस्तावेज और जानकारी भी मांगी थी। फिलहाल आयोग और संबंधित विभागों के बीच अंतिम स्तर पर विचार-विमर्श जारी है।



