Bakrid 2026: आज बकरीद पर ईदगाहों में पढ़ी गई नमाज, खुले में कुर्बानी और DJ पर रोक; 1.50 तक बिके बकरे

Bakrid 2026: आज बकरीद पर ईदगाहों में पढ़ी गई नमाज, खुले में कुर्बानी और DJ पर रोक; 1.50 तक बिके बकरे

Bakrid 2026: आज ईद-उल-अजहा यानी बकरीद 2026 का त्योहार पूरे छत्तीसगढ़ में मनाया जा रहा है। राजधानी रायपुर की बड़ी ईदगाह समेत प्रदेश के कई ईदगाहों में लोगों ने नमाज अदा की। रायगढ़ के घड़ी चौक स्थित कदमी ईदगाह में लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को बकरीद की मुबारकबाद दी।tcw

त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और स्वच्छता बनाए रखने के लिए छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने राज्यभर में सख्त गाइडलाइन जारी की है। निर्देशों के अनुसार खुले स्थानों पर कुर्बानी, डीजे बजाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Bakrid 2026: बकरीद पर शिफ्ट में होगी नमाज, खुले में कुर्बानी और DJ पर रोक; नियम तोड़ने पर जुर्माना

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि पिछले साल से ही नमाज शिफ्ट में अदा की जा रही है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने पर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

खुले में कुर्बानी पर रोक

वक्फ बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, मैदानों और खुले इलाकों में कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। कुर्बानी केवल अधिकृत स्लॉटर हाउस या निजी परिसरों के अंदर ही की जा सकेगी।

प्रशासन का कहना है कि यह फैसला स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने और अन्य समुदायों की भावनाओं का सम्मान करने के उद्देश्य से लिया गया है। नगर निगम की टीमों को साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

DJ पर रोक

वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के अनुसार त्योहार के दौरान डीजे और तेज आवाज में साउंड सिस्टम बजाने पर भी सख्ती रहेगी। निर्धारित साउंड लिमिट से अधिक आवाज में डीजे बजाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।

1.50 तक बिके बकरे

रायगढ़ में बकरीद को लेकर खास तैयारियां देखने को मिलीं। समाज के लोग एक महीने पहले से ही बकरों की खरीदारी में जुटे हुए थे। इस बार एक से डेढ़ लाख रुपए तक के बकरे खरीदे गए हैं। इसके अलावा 20 से 30 हजार रुपए तक के बकरों की भी बड़ी संख्या में खरीदारी हुई है। पंजाब, ओडिशा और आसपास के जिलों से खास नस्ल के बकरे मंगाए गए हैं।

बीड़पारा निवासी शानू खान ने बताया कि उन्होंने करीब 6 महीने पहले पंजाब से बीटल नस्ल का महंगा बकरा मंगाया था। बकरों को हरी सब्जियां, चना और पौष्टिक चारा दिया जा रहा है ताकि वे स्वस्थ रहें।

 

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