Bakrid 2026: छत्तीसगढ़ में इस बार ईद-उल-अजहा यानी बकरीद को लेकर प्रशासन और वक्फ बोर्ड पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और स्वच्छता बनाए रखने के लिए राज्यभर में सख्त गाइडलाइन जारी की गई है।![]()
निर्देशों के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी, DJ बजाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं नमाज शिफ्ट में अदा कराई जाएगी। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने स्पष्ट किया है कि पिछले साल से ही शिफ्ट में नमाज पढ़ी जा रही है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
खुले में कुर्बानी पर रोक
वक्फ बोर्ड ने साफ निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सड़कों, मैदानों, सार्वजनिक स्थलों और खुले इलाकों में कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। कुर्बानी केवल अधिकृत स्लॉटर हाउस या निजी परिसरों के भीतर ही की जा सकेगी।
प्रशासन के अनुसार यह फैसला स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने और अन्य समुदायों की भावनाओं का सम्मान करने के उद्देश्य से लिया गया है। नगर निगम की टीमों को साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
DJ पर भी रोक
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के मुताबिक त्योहार के दौरान डीजे और तेज आवाज में साउंड सिस्टम बजाने पर भी सख्ती रहेगी। निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज में डीजे बजाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी करेंगी।
सुबह 6 बजे से 11 बजे तक होगी नमाज
ईद-उल-अजहा की नमाज को लेकर समय भी तय किया गया है। राज्यभर की प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज सुबह 6 बजे से 11 बजे के बीच अदा की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि इससे ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में आसानी होगी।
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि वर्तमान में जारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जा रही है और सभी व्यवस्थाएं शांतिपूर्ण तरीके से संचालित हो रही हैं।


