RTE Admission 2026: छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत गरीब बच्चों के एडमिशन में हो रही देरी पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर एडमिशन जुलाई-अगस्त तक चलते रहेंगे, तो बच्चे पढ़ाई कब शुरू करेंगे।![]()
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि 7 मई से पहले सभी एडमिशन पूरे किए जाएं और इसके लिए एक स्पष्ट व ठोस कार्ययोजना भी पेश की जाए। प्रदेश में नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो चुका है, लेकिन आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया अब भी अधूरी है।
जानकारी के अनुसार, प्रदेशभर के स्कूलों में आरटीई के तहत 38,438 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से केवल 23,766 यानी करीब 62% की ही जांच पूरी हो पाई है, जबकि 14 हजार से अधिक आवेदन अब भी लंबित हैं। कई जिलों में जांच की प्रगति 10% से भी कम है।
एडमिशन प्रक्रिया के तहत छात्र पंजीयन की अंतिम तिथि 31 मार्च थी। पहले चरण में 13 से 17 अप्रैल के बीच लॉटरी और सीट आवंटन किया गया, जिसके बाद छात्रों को 1 से 30 मई तक प्रवेश लेना है। दूसरे चरण की प्रक्रिया 8 जून से शुरू होकर अगस्त तक चलेगी।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने बताया कि पहले चरण में 15 हजार छात्रों को सीटें आवंटित की जा चुकी हैं। हालांकि, प्रक्रिया की धीमी गति पर कोर्ट ने असंतोष जताते हुए कहा कि अगस्त तक केवल दाखिले चलते रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी।
कोर्ट ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर बच्चों की पढ़ाई समय पर शुरू सुनिश्चित करने के लिए कार्ययोजना प्रस्तुत करे।
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