CG Breaking: बदलते सामाजिक परिवेश और मोबाइल के बढ़ते प्रभाव के बीच छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सेन समाज ने रिश्तों को बचाने के लिए अहम पहल की है। समाज ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि सगाई के बाद मंगेतरों के बीच निजी बातचीत पर प्रतिबंध रहेगा। (सगाई के बाद मंगेतर से नहीं कर पाएंगे बात)

परिवार की मौजूदगी में ही होगी बातचीत
समाज के नए नियम के अनुसार सगाई के बाद या विवाह से पहले मंगेतर आपस में चुपके से बातचीत नहीं करेंगे। यदि बातचीत आवश्यक हो तो वह परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में ही होगी या फिर बिल्कुल नहीं होगी। (सगाई के बाद मंगेतर बातचीत रोक)

जिलाध्यक्ष संतोष कौशिक ने बताया कि मोबाइल पर घंटों बातचीत के कारण कई बार रिश्तों में अनावश्यक तनाव उत्पन्न हो जाता है और सगाई के बाद भी विवाह तक रिश्ता नहीं पहुंच पाता। समाज ने इसे रोकने के लिए यह निर्णय लिया है।
मोबाइल से टूटते हैं रिश्ते
पिछले कुछ वर्षों में सगाई में मोबाइल उपहार देने का चलन बढ़ा है। इसके बाद लंबी बातचीत के दौरान निजी और पारिवारिक बातें साझा होने लगती हैं, जो बाद में विवाद का कारण बनती हैं। समाज ने मोबाइल को रिश्तों में टकराव की मुख्य वजह बताया है।

समाज ने धर्मांतरण को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है। निर्णय के अनुसार यदि कोई सदस्य हिंदू समाज छोड़कर अन्य धर्म अपनाता है तो उसके साथ पारिवारिक संबंध नहीं रखे जाएंगे।
प्लास्टिक का बहिष्कार, पत्तल में भोजन
मीडिया प्रभारी उमेश कुमार सेन ने बताया कि समाज ने प्लास्टिक के उपयोग का बहिष्कार करने और सार्वजनिक आयोजनों में पत्तों से बनी थाली में भोजन कराने का निर्णय लिया है।
गौरतलब है कि इससे पहले साहू समाज भी प्री-वेडिंग शूट पर प्रतिबंध का निर्णय ले चुका है। समाज की युवती दीक्षा सेन ने इस निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि सगाई और विवाह के बीच मर्यादा बनाए रखना जरूरी है, ताकि रिश्ते मजबूत बने रहें।
