Kondagaon News: छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के कोकोड़ी गांव स्थित मां दंतेश्वरी मक्का प्लांट में गुरुवार रात हालात बेकाबू हो गए, जब 700-800 ग्रामीणों की भीड़ ने प्लांट परिसर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। लाठी-डंडे और पत्थरों से लैस ग्रामीणों ने ऑफिस में तोड़फोड़ की और परिसर में खड़ी कार, ट्रैक्टर सहित कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया।

ग्रामीणों का आरोप है कि मक्का प्लांट से निकलने वाला तरल अपशिष्ट खेतों तक पहुंच रहा है, जिससे फसलें खराब हो रही हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी के चलते ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने सामूहिक रूप से प्लांट पर हमला कर दिया।
हमले में 10 से 20 लाख रुपये तक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। गुरुवार रात की घटना के बाद शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने फिर से प्लांट में घुसने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने खदेड़कर रोका।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कांकेर से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। प्लांट के बाहर भारी पुलिस तैनात है, लेकिन गांव में अब भी तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। ग्रामीण दूर से पुलिस बल पर गुलेल से पत्थर फेंक रहे हैं।
इस बीच प्लांट पहुंचे महाराष्ट्र के एक ड्राइवर ने बताया कि हमले के दौरान उसे अपनी जान बचाने के लिए जंगल में छिपना पड़ा। पूरी घटना को लेकर फिलहाल प्लांट प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

जानिए पूरा मामला
मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण प्लांट कोकोड़ी गांव में स्थित है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट से निकलने वाला तरल वेस्ट उनके खेतों तक पहुंच रहा है, जिससे फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। लंबे समय से शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने रातभर प्लांट का घेराव किया और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी। हालात इतने बिगड़े कि कुछ समय के लिए पुलिस बल को भी पीछे हटना पड़ा।
