CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में घना कोहरा और कड़ाके की ठंड, लाइट जलाकर चले वाहन; बच्चों में हाइपोथर्मिया के मरीज बढ़े

CG Weather Update

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में शीतलहर जैसी स्थिति बनी हुई है, जबकि कई जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। हालात ऐसे रहे कि लोगों को दिन में भी वाहन चलाते समय लाइट जलानी पड़ी।

सबसे ज्यादा ठंड अमरकंटक और आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिली, जहां न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यहां ओस की बूंदें जमकर बर्फ में तब्दील हो गईं और रामघाट, माई की बगिया तथा श्रीयंत्र मंदिर के आसपास हर तरफ बर्फ की सफेद चादर नजर आई।

रायगढ़ और सारंगढ़ जिलों के कई इलाकों में देर रात से घना कोहरा छाया रहा, जिसका असर सुबह करीब 8 बजे तक बना रहा। कोहरे के कारण दृश्यता कम हो गई और सड़क पर चल रहे वाहनों को हेडलाइट जलाकर गुजरना पड़ा।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों तक प्रदेश के न्यूनतम तापमान में कोई विशेष बदलाव होने की संभावना नहीं है। बीते 24 घंटों में प्रदेश का सबसे अधिक तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।

बच्चों की सेहत पर दिख रहा असर

कड़ाके की ठंड का सबसे ज्यादा असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। पिछले एक महीने में अंबेडकर अस्पताल समेत निजी अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के 400 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चों का शरीर ठंड के प्रति ज्यादा संवेदनशील होता है और नवजातों में यह खतरा और बढ़ जाता है।

बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों का कहना है कि नवजातों की मांसपेशियां पूरी तरह विकसित नहीं होतीं, जिससे वे ठंड सहन नहीं कर पाते। सीजेरियन डिलीवरी से जन्मे शिशुओं में हाइपोथर्मिया का खतरा सामान्य से अधिक रहता है।

दिन-रात के तापमान में बड़ा अंतर

राजधानी रायपुर में न्यूनतम तापमान 12.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2.8 डिग्री कम है। वहीं अधिकतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन और रात के तापमान में लगभग 17 डिग्री का अंतर लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है, जिससे बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी बीमार पड़ रहे हैं।

क्या है हाइपोथर्मिया

हाइपोथर्मिया एक गंभीर और जानलेवा स्थिति है, जिसमें शरीर का सामान्य तापमान 98.6 फॉरेनहाइट (37 डिग्री सेल्सियस) से नीचे चला जाता है। तापमान गिरने पर शरीर के अहम अंग सामान्य रूप से काम करना बंद करने लगते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ठंडी हवा या पानी के संपर्क में आने पर शरीर तेजी से अपनी गर्मी खोता है, जिससे यह स्थिति और खतरनाक हो जाती है।

 

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