CG ब्रेकिंग : खुशखबरी ! अब छत्तीसगढ़ में 24 घंटे मिलेगा शक्कर, चावल, नमक

CG ब्रेकिंग : खुशखबरी ! अब छत्तीसगढ़ में 24 घंटे मिलेगा शक्कर, चावल, नमक

रायपुर | CG ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस में बड़ा बदलाव करने जा रही है। राज्य में जल्द ही ‘ग्रेन एटीएम’ लगाए जाएंगे, जिनके ज़रिये लाभार्थियों को सरकारी राशन दुकानों पर लाइन में लगकर अनाज लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार का दावा है कि यह सिस्टम पीडीएस में पारदर्शिता बढ़ाएगा और सुविधा को अगले स्तर पर ले जाएगा। रायपुर में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने बताया कि ग्रेन एटीएम एक ऑटोमेटेड मशीन होगी, जिसमें चावल, गेहूं, दालें और अन्य जरूरी वस्तुएं स्टॉक रहेंगी। लाभार्थी अपना राशन कार्ड या आधार कार्ड इस्तेमाल कर फिंगरप्रिंट या ओटीपी के जरिये वेरिफिकेशन कर सकेंगे और मशीन से सीधे तय मात्रा का अनाज प्राप्त करेंगे।

 

 

सरकार का कहना है कि ये मशीनें 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी। इससे लोगों को दुकानदार के समय, लाइन और कटौती जैसे पुराने मुद्दों से राहत मिलेगी। कई बार देखा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में राशन दुकानें समय पर नहीं खुलतीं या स्टॉक खत्म होने से उपभोक्ता खाली हाथ लौट जाते हैं। ग्रेन एटीएम सिस्टम इन समस्याओं को खत्म करने की कोशिश करेगा, क्योंकि मशीन का स्टॉक रियल-टाइम सर्वर से जुड़ा होगा और जैसे ही मात्रा कम होगी, विभाग को सूचना मिल जाएगी। विभाग का दावा है कि इस तकनीक से भ्रष्टाचार, देरी और गलत तौल जैसी शिकायतें लगभग समाप्त हो जाएंगी।

 

हालांकि चुनौतियां भी मौजूद हैं। मशीन का लगातार मेंटेनेंस, बिजली और इंटरनेट की उपलब्धता, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल उपयोग में कम जानकारी रखने वाले लोगों के लिए सहायता—ये सभी मुद्दे अभी सामने हैं। सरकार का कहना है कि शुरुआती चरण में कुछ जिलों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा और उसके बाद ही इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। पायलट के परिणाम आने के बाद मशीनों की संख्या, लोकेशन और टाइमलाइन को अंतिम रूप दिया जाएगा।

फिलहाल सरकार इसे पीडीएस की ‘डिजिटल क्रांति’ बता रही है। अगर सिस्टम सही तरीके से काम करता है, तो यह छत्तीसगढ़ को देश का पहला ऐसा राज्य बना सकता है जहां 24×7 अनाज मशीन से मिलेगा। लाभार्थी कहीं भी, कभी भी अपना हिस्सा खुद निकाल सकेंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि तकनीक आधारित यह मॉडल कितनी तेजी से जमीनी स्तर पर प्रभाव दिखाता है और क्या यह वास्तव में पुराने पीडीएस सिस्टम की कमजोरियों को खत्म कर पाएगा।

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