Raipur NIT Chaupati Vivad: राजधानी रायपुर में एनआईटी चौपाटी को आमानाका शिफ्ट करने के फैसले के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। चौपाटी शिफ्टिंग से पहले ही व्यापारी और कांग्रेस नेता विरोध में उतर आए। बुधवार रात 11 बजे से पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, व्यापारी और अन्य कांग्रेसी नेता चौपाटी में धरने पर बैठे रहे। (रायपुर NIT एनआईटी चौपाटी हटाने का विरोध)

गुरुवार सुबह जब नगर निगम की टीम चौपाटी हटाने पहुंची, तो स्थिति और बिगड़ गई। प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं ने जेसीबी के सामने लेटकर और उस पर चढ़कर विरोध जताया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झूमा-झटकी भी हुई। पुलिस ने मौके से पूर्व विधायक सहित कई व्यापारियों और कांग्रेसी नेताओं को बलपूर्वक हटाया और सभी को सेंट्रल जेल भेज दिया। (Raipur NIT Chaupati shifting Protest)
बिना नोटिस दुकानें हटाई जा रही हैं – व्यापारियों का आरोप
व्यापारियों के इस विरोध को कांग्रेस ने भी खुला समर्थन दिया है। एक दिन पहले 21 नवंबर को जब नगर निगम की टीम चौपाटी पहुंची और दुकानदारों को शिफ्टिंग की सूचना दी, तो व्यापारियों ने मौके पर ही आपत्ति जताई। उनका कहना है कि उन्हें पहले से कोई नोटिस नहीं दिया गया।

व्यापारियों का आरोप है कि बिना संवाद, बिना तैयारी और बिना विकल्प दिए दुकानों को हटाने से उनका कारोबार ठप हो जाएगा। बिना तैयारी के अचानक आमानाका भेजने को कहा जा रहा है। (Raipur NIT Chaupati Amanaka Shifting)
विकास बोले- अनपढ़ विधायक को नहीं पता स्टूडेंट्स को क्या चाहिए
कल रात से धरने पर बैठे पूर्व विधायक विकास उपाध्याय (Vikas Upadhyay Arrested) ने कहा कि 10 करोड़ के निर्माण को तोड़ दिया गया, अनपढ़ विधायक हैं, उन्हें नहीं पता कि स्टूडेंट्स को क्या चाहिए।
60-70 दुकानें थीं, उसे तोड़ दिया गया, हमारे साथी घायल हुए हैं, लेकिन हम डटे रहें, हमने भाजपा नेता के सामने हाथ तक जोड़ा लेकिन जिद्दी विधायक ने बात नहीं सुनी।

साव बोले- कांग्रेस का दोहरा चरित्र
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा लोकतंत्र में विरोध करना स्वाभाविक है, लेकिन कांग्रेस अपनी राजनीति के बारे में विचार करें वो किस दिशा में जाना चाहते है। किस विषय में क्या सोचते हैं। सत्ता में रहते हैं तो अलग बात करते हैं विपक्ष में रहते हैं तो अलग, कांग्रेस का दोहरा चरित्र रहता हैं।


चौपाटी का विरोध और नालंदा-2 का निर्माण
रायपुर में लगभग 10 करोड़ रुपए खर्च करके चौपाटी का विकास किया गया था, जिसका पूर्व विधायक राजेश मूणत ने कड़ा विरोध किया था। 2023 में भाजपा सरकार आने के बाद चौपाटी को हटाने और उस स्थान पर नालंदा-2 बनाने की योजना पर तेजी से काम शुरू हुआ।
नवंबर 2025 में नगरीय प्रशासन ने नालंदा-2 के लिए टेंडर पूरे होने की जानकारी दी और 15 नवंबर से चौपाटी शिफ्टिंग की तारीख घोषित की। लेकिन, इससे पहले ही रेलवे ने 32 दुकानदारों को नोटिस भेजकर इस जमीन पर अपना दावा जता दिया।
