Virendra Tomar Raipur: सूदखोरी, रंगदारी जैसे आरोपों में गिरफ्तार हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर का 9 नवंबर को पुलिस ने जुलूस निकाला था और कोर्ट में पेश किया था, जिस करणी सेना ने भारी आपत्ति जताया है। करणी सेना के नेताओं ने पुलिस द्वारा तोमर के साथ किए गए व्यवहार को अमानवीय बताया है और इसके विरोध में रायपुर में प्रदर्शन का ऐलान किया है।

करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर कहा कि छत्तीसगढ़ में कुछ पुलिस अधिकारियों ने गलत व्यवहार किया है। उन्होंने दावा किया कि वीरेंद्र तोमर को नदी-समक्ष और धूप में हथकड़ी पहना कर लाया गया और उनकी दुर्दशा की गई। डॉ. शेखावत ने आगे कहा, तोमर कोई आतंकी नहीं था, फिर भी उसके साथ इस तरह का व्यवहार किया गया, यह स्वीकार्य नहीं है।

करणी सेना ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने परिवार के साथ भी कठोरता बरती और कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ नाम लिए जाने लायक कृत्य हुए। संगठन के नेता अब समाज के युवाओं से रायपुर में एकजुट होकर प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान कर रहे हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर न्याय नहीं मिला तो वे सख्त कार्रवाई के मांग में हैं।

दूसरी ओर पुलिस प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की कानूनी प्रक्रिया और पूछताछ जारी है, जबकि करणी सेना की अगुवाई में होने वाले आंदोलन की तैयारियों पर भी नजर रखी जा रही है।
