Dhamtari News: स्कूलों में किताबों की कमी और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए व्हाट्सएप स्टेटस डालना धमतरी के एक सहायक शिक्षक को महंगा पड़ गया। शिक्षक ने अपने स्टेटस में लिखा था कि “5 महीने बीत गए, बच्चों को अभी तक पूरी किताबें नहीं मिलीं, फिर भी राज्योत्सव मना लिया गया।” यह स्टेटस सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने कार्रवाई करते हुए शिक्षक को निलंबित कर दिया।
छत्तीसगढ़ में राज्योत्सव के दौरान शिक्षा की खराब व्यवस्था पर वॉटसएप स्टेटस डालना धमतरी के सहायक शिक्षक को भारी पड़ गया। स्टेटस अपलोड होने के कुछ घंटों के भीतर कई वॉट्सएप ग्रुप में वायरल हो गया। 31 अक्टूबर के इस स्टेटस पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने गुरुवार को बैठक बुलाकर सहायक शिक्षक को निलंबित कर दिया है।

सहायक शिक्षक ने स्टेटस में स्कूली बच्चों को 5 महीने बाद भी पूरी किताबें नहीं मिलने की बात कहते हुए राज्योत्सव की खुशियां मनाने पर सवाल उठाए थे। इसके लिए शिक्षकों से लेकर डीईओ और विभागीय मंत्री का वेतन काटने की बात भी कही थी।
कुरूद ब्लॉक में नारी के प्राइमरी स्कूल में पदस्थ सहायक शिक्षक (एलबी) ढालूराम साहू को DEO अभय कुमार जायसवाल ने निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उनके द्वारा सोशल मीडिया पर शासन-प्रशासन के खिलाफ की गई टिप्पणी को आपत्तिजनक बताते हुए की गई है।

बताते हैं कि धमतरी में राज्य स्थापना दिवस के दौरान धमतरी जिले में सरकार की उपलब्धियां गिनाते बैनर-पोस्टरों की भरमार को देखते हुए शिक्षक ने यह टिप्पणी की थी। विभागीय कार्रवाई की बात सामने आने के बाद शिक्षक संगठनों में भी माहौल बनने लगा है।
स्कूलों की हकीकत बताने पर शिक्षक के खिलाफ ऐसी कार्रवाई को लेकर रोष देखने मिल रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि सहायक शिक्षक ने कौन सी गलत बात कही थी। यह सच है कि करीब-करीब आधा सत्र बीतने के बाद भी स्कूलों में बच्चों को पूरी किताबें नहीं मिल पाई हैं। इधर, निलंबन अवधि में ढालू राम को नगरी बीईओ के दफ्तर में अटैच किया गया है।
शिक्षक ने कहा- फटी-पुरानी किताबों से पढ़ा रहे हैं
शिक्षक ढालूराम साहू ने कहा कि शिक्षण सत्र 2025-26 का 5 महीना बीत चुका है। बच्चों को अब तक हिंदी की किताबें नहीं मिली हैं। पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ रहा है। बच्चे फटी-पुरानी किताबों से पढ़ने को मजबूर हैं। शिक्षक भी पढ़ाने के लिए इन्हीं किताबों का सहारा ले रहे हैं। जिस राज्य की शिक्षा व्यवस्था किताबों की कमी से जूझ रही हो, वहां राज्य निर्माण के 25 साल पूरे होने की खुशी मनाई जा रही है।
DEO बोले- यह अनुचित, अमर्यादित व्यवहार है
डीईओ अभय कुमार जायसवाल ने कहा कि ढालूराम साहू (Teacher Dhaluram Sahu Suspend) ने सरकारी कार्यों और नीतियों के खिलाफ जिस तरह सोशल मीडिया पर टिप्पणी की, वह अनुचित है। अमर्यादित व्यवहार है। अगर उन्हें किसी मुद्दे पर आपत्ति थी या अपनी बात रखनी थी, तो वे इस बारे में सीधे संबंधित अधिकारी से संपर्क कर सकते थे। एक शासकीय कर्मचारी की भूमिका के खिलाफ है। इसके कारण यह कार्रवाई की गई।
सहायक शिक्षक ने स्टेटस पर यह लिखकर अपलोड किया
बच्चों की शिक्षा व्यवस्था ठप और हम चले राज्य स्थापना दिवस मनाने। क्या हम राज्योत्सव मनाने के लायक हैं? जब तक बच्चों को पूरी किताबें नहीं मिल जातीं, तब तक सहायक शिक्षक से लेकर बीईओ-डीईओ, कलेक्टर और माननीय शिक्षा मंत्री का वेतन रोक देना चाहिए। गांव के नेता गांव का नहीं, सिर्फ पार्टी का विकास चाहते हैं।
पक्ष जाने बिना कार्रवाई करना बिलकुल गलत : संघ
इधर, छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अमित महोबे ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, सरकारी स्कूलों के बच्चे और शिक्षक किताबों की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में शिक्षक ढालूराम साहू ने सोशल मीडिया पर स्टेटस के जरिए केवल अपनी बात रखी थी। शिक्षा विभाग ने पक्ष को जाने बिना उन्हें सीधे सस्पेंड कर दिया। यह अनुचित है।
