Mekahara Raipur: मेकाहारा में नवजात के पास लिखा ‘HIV पॉजिटिव मदर’, हाईकोर्ट के संज्ञान के बाद अब FIR दर्ज, पुलिस ने मांगे डॉक्टरों के नाम

Mekahara Raipur:

Mekahara Raipur: राजधानी रायपुर के मेकाहारा अस्पताल (डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय) में एक HIV पॉजिटिव महिला मरीज की पहचान उजागर करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अस्पताल में जन्मे नवजात शिशु के पास बड़े अक्षरों में ‘HIV POSITIVE MOTHER’ लिखे चार्ट को लगाने के मामले में अब पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। इससे पहले इस घटना पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव से व्यक्तिगत शपथपत्र मांगा था।

पीड़ित महिला के पति ने बताया कि 6 अक्टूबर को उनकी पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया था। जन्म के बाद नवजात को PICU में शिफ्ट किया गया। इसके बाद स्टाफ ने एक बड़ा सफेद चार्ट पेपर लाकर उस पर लाल रंग के बोल्ड अक्षरों में “HIV POSITIVE MOTHER” लिख दिया और उसे बच्चे के पास लटका दिया।

बता दें कि हाईकोर्ट ने HIV पॉजिटिव महिला मरीज की पहचान सार्वजनिक करने पर कड़ी नाराजगी जताई है। साथ ही मुख्य सचिव से व्यक्तिगत शपथपत्र मांगा है। दैनिक भास्कर ने पूरे मामले पर सभी पक्षों से बात की है

जानिए क्या है पूरा मामला

मेकाहारा में 6 अक्टूबर को एक HIV पॉजिटिव महिला ने बच्चे को जन्म दिया। मेडिकल स्टाफ ने बच्चे को PICU में शिफ्ट किया। यहां तक तो ठीक था, लेकिन इसके बाद मौजूद स्टाफ ने सफेद रंग का एक बड़ा चार्ट पेपर लाया। फिर कुछ कलर पेंसिल भी मंगाई गई।

इसके बाद लाल रंग के स्केच मंगाए गए। उस पर बड़े-बड़े बोल्ड अक्षरों में लिखा गया- HIV POSITIVE MOTHER (एचआईवी पॉजिटिव मदर)। ये इतना बड़ा और बोल्ड लिखा हुआ था कि 100 मीटर दूरी से भी गुजरने वाले इसे पढ़ जाए। ये चार्ट फिर उस बच्चे के नजदीक चस्पा कर दिया गया।

पीड़ित मां ने पति से कहा- बच्चे के पास एक चार्ट लगा हुआ है

चार्ट 3 दिनों तक ऐसे ही लगा रहा। मां जब-जब बच्चे को दूध पिलाने जाती, ये बोर्ड उसे दिखता। वो समझ नहीं पा रही थी कि किया क्या जाए। 2 दिन बाद उसने बातों ही बातों में ये बात अपने पति को बताई। पति को PICU के भीतर जाने की इजाजत नहीं थी।

वो बच्चे को सीधे नहीं देख सकते थे। लेकिन 9 अक्टूबर को 2 मुंहे दरवाजे के खुलने और बंद होने की प्रक्रिया में कुछ सेकेंड के लिए बनने वाले स्पॉट से देखा तो आंखों से आंसू आ गए। उनके बच्चे के नजदीक ‘HIV POSITIVE MOTHER’ का चार्ट लगा हुआ था।

पिता बोले- मेडिकल स्टाफ तक दूरी बनाने लगा था

दैनिक भास्कर को पीड़ित पिता ने बताया कि वे भी HIV पॉजिटिव हैं। बीमारी का पता चल जाने पर बाकी सोसाइटी का तो छोड़िए मेडिकल स्टाफ के लोग भी सामान्य व्यवहार नहीं करते। ये बात तो सभी जानते हैं, इसके बाद भी गलती हुई। दुख इस बात है कि गलती को 3 दिनों तक नजरअंदाज किया गया।

शिकायत के बाद हटा चार्ट

हालांकि, शिकायत के बाद अधिकारियों तक जैसे ही ये बात पहुंची, चार्ट पेपर तुरंत हटाया गया। मीडिया में खबर पब्लिश होने के बाद इस मामले में हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया। इसके बाद रविवार को पूरे मामले में FIR भी दर्ज की गई।

हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन को नोटिस भी दिया गया। लेकिन 48 घंटे से ज्यादा बित जाने के बाद भी हॉस्पिटल ने गलती करने वाले और गलती को 3 दिनों तक नजरअंदाज करने वाले डॉक्टरों के नाम नहीं बताए हैं।

अदालत ने बताया अमानवीय घटना

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में HIV पॉजिटिव महिला मरीज की पहचान सार्वजनिक करने की घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है। साथ ही मुख्य सचिव से व्यक्तिगत शपथपत्र मांगा है।

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की खंडपीठ ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कहा कि ‘यह कृत्य न केवल अमानवीय है बल्कि नैतिकता और निजता के अधिकार का घोर उल्लंघन भी है।’

हॉस्पिटल प्रशासन ने कहा- विभागीय जांच चल रही है

वहीं, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन का कहना है कि मामले में कोई भी नोटिस पुलिस की ओर नहीं मिला है। इस मामले पर विभागीय जांच की जा रहा रही है। हम आवश्यक कार्रवाई करेंगे।

देखिए वीडियो –

https://youtu.be/CcMVzStBxRQ

 

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