बिलासपुर। CG : छत्तीसगढ़ शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालक कल्याण मंडल ने शुक्रवार से अपना आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि अपनी मांगों को लेकर दुकान संचालक पदयात्रा कर रायपुर मुख्य मंत्री निवास में मिलेंगे। इस दौरान प्रदेश भर के पीड़ित दुकान संचालक इस आंदोलन में शामिल होने से 1 से 10 अक्टूबर तक राज्य की सभी राशन दुकानें बंद रहेंगी। जिससे राशन वितरण नहीं प्रभावित होगा।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली में जुड़ी मांगों को लेकर विक्रेताओं ने 5 अक्टूबर को बिलासपुर के चकरभाटा ब्लॉक मुख्यालय से 125 किलोमीटर लंबी पदयात्रा शुरू कर 9 अक्टूबर को रायपुर मुख्यालय पहुंचने का समय निर्धारित किया है। इस दौरान प्रदेश भर से सैकड़ों राशन दुकान संचालक अपनी मांगों को लेकर पदयात्रा में शामिल होंगे।
प्रदेश सचिव अशोक उपाध्याय का कहना है कि प्रदेश के 81 लाख कार्डधारकों को राशन वितरण की जिम्मेदारी विक्रेताओं को दी गई है, लेकिन सरकार ने दुकान संचालन हेतु कोई मानदेय निर्धारित नहीं किया। जिसके कारण उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। सरकार ने अभी भी इनकी समस्याओं पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। विक्रेताओं ने प्रदेशभर में आंदोलन को तेज करने के लिए इस बार पदयात्रा करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि विक्रेताओं की इस लड़ाई में उन्हें मजबूरी ने उतारा है।
नेतृत्व को मिला समर्थन
इस पदयात्रा को राष्ट्रीय स्तर पर भी समर्थन मिल रहा है। 9 अक्टूबर को राष्ट्रीय महासंघ के अध्यक्ष ओमकार नाथ राय, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष राजेश तिवारी, कार्यकारी अध्यक्ष गिरिराज तिवारी, संगठन अध्यक्ष शशिप्रकाश, बिहार से अरुण सिंह और राष्ट्रीय सचिव गोवर्धन पदयात्रा में शामिल होंगे। संघ ने बताया कि सभी नेताओं ने छत्तीसगढ़ के उचित मूल्य दुकान संचालकों की हक की लड़ाई में साथ देने की सहमति दी है।
संघ की छह सूत्रीय मांगे
विक्रेताओं को मानदेय के स्थान पर नियमित मासिक वेतन देने, खाद्यान्न विक्रेताओं एवं परिवार जनों को सुरक्षा कवच प्रदान करने, दुकान संचालन हेतु प्रतिमाह 50 हजार रुपए दिए जाने, सभी दुकान संचालकों को पेंशन सुविधा दिए जाने, मृत संचालक के आश्रितों को दुकान संचालन करने का अधिकार दिए जाने एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े सभी विक्रेताओं को शासकीय कर्मचारी का दर्जा देने की मांगें प्रमुख हैं।
