Shardiya Navratri 2025: डोंगरगढ़ में सजा माँ बम्लेश्वरी का दरबार, श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब

Shardiya Navratri 2025

Shardiya Navratri 2025: शारदीय नवरात्र 2025 की शुरुआत के साथ ही डोंगरगढ़ स्थित माँ बम्लेश्वरी का दरबार भव्य सजावट से जगमगा उठा है। मंदिर प्रांगण फूलों, रंगोली और दीपों से सजा है। सोमवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगना शुरू हो गया है। माँ बम्लेश्वरी के जयकारों से पूरा डोंगरगढ़ गूंज रहा है।

डोंगरगढ़ का बम्लेश्वरी मंदिर लगभग 1,600 फीट ऊँचाई पर स्थित है। यहाँ तक पहुँचने के लिए 1,000 सीढ़ियाँ हैं और श्रद्धालुओं के लिए रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है।
माना जाता है कि यह स्थल करीब 2,200 वर्ष पुराना है और प्राचीन काल से आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। राजा वीरसेन, विक्रमादित्य और पांडवों से जुड़े कई लोककथाएं यहाँ प्रचलित हैं।

बता दें, इस बार भी नवरात्र के नौ दिनों के दौरान देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु डोंगरगढ़ पहुँच रहे हैं ताकि वे माँ के दर्शनों के साथ अपनी मनोकामना भी पूरी कर पाएं. मंदिर प्रबंधन ने माता के नौ दिनों तक चलने वाली आराधना की परंपरागत सभी तैयारियाँ कर ली हैं, जबकि रेलवे और जिला प्रशासन ने यात्रा सुगमता और सुरक्षा को लेकर विशेष तैयारियाँ की हैं,भीड़ नियंत्रण के कड़े इंतज़ाम किए हैं. एक हज़ार पुलिस जवान व्यवस्था में तैनात किए गए हैं।

आराधना का ये नौ दिवसीय पर्व 22 सितंबर से 1 अक्टूबर 2025 तक चलेगा. इसके बाद 2 अक्टूबर 2025 को विजयदशमी मनाई जाएगी. डोंगरगढ़ स्थित माता बम्लेश्वरी के दोनों मन्दिर प्रांगण में एकम को घटस्थापना, अष्टमी को हवन और नवमी को विसर्जन किया जाएगा,इसके साथ ही नवरात्र भर माता के दरबार में चौबीस घंटे भक्तों का ताता रहेगा, इसलिए प्रशासन ने सभी व्यवस्था सुनिश्चित की है ताकि भारी भीड़ के बीच श्रद्धालु सुरक्षित रूप से दर्शन कर सकें।

नवरात्र केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि माँ के नौ रूपों की आराधना, आत्मिक अनुशासन और सामाजिक उत्सव का समय है। उपवास, कीर्तन और रात्रि-पूजा से भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना करते हैं।
डोंगरगढ़ का यह मेला स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन और सांस्कृतिक जीवन का भी बड़ा उत्सव बन चुका है, जहाँ लाखों श्रद्धालु हर साल पहुँचते हैं।

 

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