Janjgir-Champa News : छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के अमरताल गांव स्थित धान संग्रहण केंद्र में बारिश के चलते 4 लाख क्विंटल धान भीगकर खराब हो गया है। यह धान अब अंकुरित होकर सड़ने लगा है, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है।
बता दें, विपणन विभाग जो धान की सुरक्षा पर करोड़ों रुपये खर्च कर चुका है, फिर भी धान को बारिश से नहीं बचा पाया। इस लापरवाही पर विधायक ब्यास कश्यप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
5 महीने से नहीं हुई मिलिंग, खुले आसमान के नीचे रखा धान
राज्य सरकार ने जिले में 63.27 लाख क्विंटल धान की खरीदी की थी। मिलिंग के बाद बचा हुआ धान अमरताल संग्रहण केंद्र में रखा गया। लेकिन धान खरीदी के 5 महीने बाद भी अधिकांश धान की मिलिंग नहीं हुई, और वह खुले आसमान के नीचे ही पड़ा रहा।

बारिश के पानी में धान डूबने लगा और अंकुरित होकर अब सड़ रहा है। इसके बावजूद संग्रहण केंद्र प्रभारी धान को छिपाने के लिए खराब अनाज को दूसरी बोरियों में पलट रहे हैं, ताकि लापरवाही को छुपाया जा सके।
लापरवाही छिपाने खराब धान को दूसरी बोरी में पलट रहे
खराब मौसम की चेतावनी के बावजूद शासन की ओर से कोई ठोस इंतज़ाम नहीं किए गए। धान को तिरपाल या शेड से ढंकने के बजाय उसे यूं ही छोड़ दिया गया। नतीजा, लाखों क्विंटल अनाज अब बेकार हो रहा है और अब खराब हो रहे धान को दूसरे बोरी में भरकर अपनी बला टालने में जुटे हैं |
जानबूझ कर धान को सड़ा रही सरकार : विधायक ब्यास कश्यप
इस मामले में जांजगीर चांपा विधानसभा के विधायक ब्यास कश्यप ने कहा, राज्य सरकार ने किसानों के धान को 3100 रुपए में खरीदी की वाहवाही लूटने का प्रयास किया, लेकिन डबल इंजन और चौबल इंजन सरकार होने का दावा करने वाले बीजेपी सरकार जानबूझ कर धान को सड़ाया है. उन्होंने धान को औने-पौने कीमत पर नीलामी कर किसानों के रबी फसल के धान की कीमत को प्रभावित करने का आरोप लगाया है. विधायक ब्यास कश्यप ने इस मामले में दोषी अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है |
