Dongargarh News: राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ स्थित नवोदय विद्यालय में कक्षा 6वीं के एक छात्र को सहपाठियों द्वारा प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित छात्र के परिजनों ने इस गंभीर प्रकरण को लेकर एसडीएम को आवेदन सौंपते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की है।

सहपाठियों ने कहा- “रस्सी बांधकर पंखे से लटक जाओ”
परिजनों ने बताया कि बीते 17 और 18 सितम्बर को विद्यालय परिसर में उनके पुत्र के साथ गंभीर घटनाएँ घटी जिसका उल्लेख करते हुए उन्होंने अपने शिकायत आवेदन में कहा है कि उनके पुत्र को कक्षा 8वीं और 7वीं के कुछ छात्रों द्वारा जबरन धमकाते हुए उसके गले में रस्सी बांधकर कहा कि पंखे से लटक जाओ, नहीं तो हम तुम्हारा गला दबाकर तुम्हें मार डालेंगे। एक छात्र ने तो उसका गला भी दबाया। इससे पहले भी उसके साथ अन्य विद्यार्थियों का व्यवहार ठीक नहीं रहा । उसकी कॉपियों छुपाई जाती रही, उसकी वस्तुएँ तोड़ीं गई। छात्रावास में उसके बिस्तर पर पानी और मिट्टी डाली गई। कई बार थाली, गिलास और उसकी चप्पल बाहर फेंक दी गई।
डोंगरगढ़ नवोदय विद्यालय में छात्र प्रताड़ना (Dongargarh Navodaya Vidyalaya Harassment Case)
कुछ छात्रों ने उसे रस्सी पकड़ाकर कहा कि “फांसी लगा लो या फिर यहां से भाग जाओ.” गनीमत रही कि मौके पर मौजूद केयरटेकर ने समय रहते उसके गले से रस्सी निकाल दी, वरना बड़ी अनहोनी हो सकती थी.
उक्त बालक ने नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की है। उसकी एक आंख कृत्रिम है और दूसरी आँख से भी केवल आंशिक दृष्टि होने के बाद भी वह पूर्व में भी सीजी स्कूल में अध्ययन के दौरान अपनी कक्षा का टॉपर रहा है। उसने कठिन परिस्थितियों में भी लगातार अच्छी पड़ाई की है। नवोदय विद्यालय में प्रवेश के लिए उसमें परीक्षा भी पास की और मेडिकल सर्टिफिकेट भी बनवाया। जिसमें महज आंख की समस्या ही सामने आई।

दिव्यांग होने के बाद दिखाई प्रतिभा (Dongargarh Navodaya School Suicide Case)
इस पूरे घटनाक्रम ने छात्र की मानसिक स्थिति को गहरा आघात पहुंचाया है. पिता का कहना है कि उनका बेटा गंभीर बीमारी से जूझ चुका है. इलाज के दौरान उसकी एक आंख निकालनी पड़ी थी, जिसमें नकली आंख लगी है, जबकि दूसरी आंख से भी आंशिक दृष्टि है. शारीरिक रूप से कमजोर होने के बावजूद उसने पढ़ाई में असाधारण प्रदर्शन किया और हाल ही में ब्लॉक स्तरीय परीक्षा में टॉप किया था. इसके अलावा 80 छात्रों की प्रतियोगिता में चौथा स्थान हासिल कर उसने अपनी प्रतिभा साबित की थी।
डोंगरगढ़ नवोदय विद्यालय आत्महत्या मामला
परिजनों ने कहा कि नवोदय विद्यालय द्वारा छात्र को मानसिक रूप से कमजोर बताकर स्कूल से निकालने टीसी थमा दी गई है। उक्त विद्यार्थी लगभग 3 महीने से विद्यालय में अध्ययनरत है। इसके बावजूद उसे नवोदय विद्यालय की टीसी नहीं देकर उसकी पुरानी टीसी ही दे दी गई है। जबकि उसने नवोदय की परीक्षा पास करके अपने काबिलियत पर जनरल केटेगरी से यहां प्रवेश पाया था। कहीं न कहीं इस पूरे मामले में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही भी दिखाई दे रही है।
