Raipur Breaking News: राजधानी में अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा है। रायपुर (Raipur murder) में रक्षाबंधन के दूसरे दिन एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। डीडी नगर थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक पिज्जा डिलीवरी बॉय की चाकू मारकर हत्या कर दी गई।
मृतक की पहचान 28 वर्षीय हेमंत कोठारी के रूप में हुई है, जो पेशे से डिलीवरी बॉय था। बताया जा रहा है कि हेमंत अपने काम से पार्सल छोड़ने निकला था, तभी उसकी बाइक की मामूली टक्कर एक युवक की गाड़ी से हो गई। इसी विवाद ने देखते-देखते इतनी भयावह शक्ल ले ली कि आरोपी ने उसकी छाती में चाकू घोंप दिया।
मामूली टक्कर से शुरू हुआ विवाद (Raipur pizza delivery boy murder)
मामले की जानकारी देते हुए डीडी नगर थाना प्रभारी एसएन सिंह ने बताया कि रविवार (9 अगस्त) की रात हेमंत कोठारी चंगोराभाठा इलाके में पार्सल डिलीवर करने के लिए निकला था। इसी दौरान उसकी बाइक, आरोपी पप्पू यादव की बाइक से टकरा गई। टक्कर के बाद दोनों में कहासुनी शुरू हो गई। गुस्से में आकर आरोपी ने हेमंत के साथ मारपीट शुरू कर दी और फिर जेब से चाकू निकालकर उसके सीने पर वार कर दिया।
अस्पताल में मौत (Hemant Kothari murder)
चाकू लगते ही हेमंत जमीन पर गिर पड़ा और उसके सीने से तेज़ी से खून बहने लगा। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे तत्काल नज़दीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। लेकिन चोट गंभीर होने और खून अधिक बह जाने के कारण सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई।

आरोपी गिरफ्तार ( Pappu Yadav arrest)
हत्या के बाद आरोपी पप्पू यादव मौके से फरार हो गया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस आगे की जांच कर रही है
दो बच्चों के पिता है हेमंत कोठारी
हेमंत कोठारी विवाहित था और दो बच्चों का पिता था। वह डिलीवरी का काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पत्नी और छोटे-छोटे बच्चे बार-बार बेहोश हो रहे हैं। परिवार ने सरकार से न्याय और आर्थिक सहायता की मांग की है।
इलाके में दहशत और आक्रोश
घटना के बाद डीडी नगर और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। मृतक के परिजनों और मोहल्ले के लोगों में गुस्सा है। उनका कहना है कि राजधानी में दिन-प्रतिदिन अपराध बढ़ते जा रहे हैं और पुलिस की गश्त व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। परिजनों का आरोप है कि अगर मौके पर समय रहते पुलिस पहुंच जाती, तो हेमंत की जान बच सकती थी।
अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब
सोमवार शाम हेमंत का अंतिम संस्कार किया गया। इलाके के सैकड़ों लोग उसे अंतिम विदाई देने पहुंचे। हर किसी की आंखों में आंसू थे और जुबान पर बस यही सवाल—”क्या एक छोटी सी टक्कर की इतनी बड़ी सज़ा हो सकती है?”
