कोरबा : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित कुसमुंडा एसईसीएल (SECL) मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय में शुक्रवार को भू-विस्थापित महिलाओं ने रोजगार की मांग को लेकर अर्द्धनग्न प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में महिलाएं कार्यालय परिसर के भीतर घुस गईं और विरोध जताते हुए नारेबाजी करने लगीं, जिससे परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि एसईसीएल प्रबंधन ने उनकी जमीन अधिग्रहित कर ली, लेकिन रोजगार का वादा पूरा नहीं किया। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी खदान क्षेत्र में कई बार शांतिपूर्ण प्रदर्शन और हड़ताल की गई, लेकिन उनकी आवाज दबाने के लिए करीब 20 से 25 लोगों को जेल भेज दिया गया, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।
महिलाओं का फूटा आक्रोश
महिलाओं का कहना है कि उनके पास अब कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। इसीलिए उन्होंने खदान के बजाय सीधे मुख्य कार्यालय को घेरने का निर्णय लिया, जिससे कामकाज पूरी तरह बाधित हो गया है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उन्हें नौकरी नहीं दी जाती, वे कार्यालय परिसर में ही अनिश्चितकालीन धरना देंगी।
