Kanker News: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड अंतर्गत केसालपारा गांव के स्कूली बच्चे हर रोज जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। गांव में केवल प्राथमिक स्कूल है, लेकिन माध्यमिक शिक्षा के लिए छात्रों को करीब 2 किलोमीटर दूर कानागांव स्थित स्कूल जाना पड़ता है। इस बीच एक नाला पड़ता है, जिसे 25 से 30 बच्चे हर दिन बारिश, कीचड़ और तेज बहाव के बीच पार करते हैं।

बरसात में बच्चे कई दिन नहीं जा पाते स्कूल
जब भी नाले में पानी का बहाव तेज होता है या जल स्तर बढ़ता है, तब बच्चे सप्ताह भर तक स्कूल नहीं जा पाते। कई बार बच्चों की बैग पानी में गिर जाती है या वे भीगे कपड़ों में पूरे दिन स्कूल में पढ़ते हैं।
पुल निर्माण की मांग कर रहे ग्रामीण
ग्रामीण सालों से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। कई बार जिला पंचायत की बैठक, सामान्य सभा में भी इस विषय को उठाया गया है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। क्षेत्र के विधायक विक्रम उसेंडी ने पुल बनवाने का वादा किया है, लेकिन अब तक न कोई टेंडर हुआ और न कोई निर्माण कार्य शुरू हुआ।

माता-पिता चिंतित
बच्चों के परिजन कहते हैं ,“जब तक बच्चे स्कूल से लौट नहीं आते, हमारी सांस अटकी रहती है। नाले में पानी का बहाव कभी भी तेज हो सकता है। बारिश में हालत और खराब हो जाते हैं।”
जिला पंचायत सदस्य गुप्तेश उसेंडी ने बताया, “मैंने कई बार जिला प्रशासन और अधिकारियों से संपर्क किया है। सामान्य सभा की बैठकों में भी यह मुद्दा कई बार उठा चुका हूं, लेकिन आज तक न कोई फाइल आगे बढ़ी, न कोई सर्वे हुआ। अधिकारी सुनते जरूर हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।”
कब बनेगा पुल?
यह सवाल आज भी जैसा का तैसा है। न तो प्रशासन की ओर से कोई ठोस जवाब आया है, और न ही सरकार की ओर से कोई स्पष्ट योजना सामने आई है।
