सूटकेस हत्याकांड रायपुर: छत्तीसगढ़ के राजधानी में सूटकेस हत्याकांड में अब एक मानवीय पहलू सामने आया है। हत्या का शिकार हुए किशोर पैकरा का अंतिम संस्कार आज डीडी नगर थाना पुलिस की निगरानी में हिंदू धर्म की विधि-विधान के अनुसार कराया गया। मृतक किशोर पैकरा का कोई निकट संबंधी अंतिम संस्कार के लिए आगे नहीं आया।
ऐसे में प्रशासन ने संवेदनशीलता और मानवीय दायित्व निभाते हुए न केवल शव का पोस्टमार्टम करवाया, बल्कि पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार की व्यवस्था भी की।

जानकारी के अनुसार, किशोर की पहली पत्नी की पूर्व में मृत्यु हो चुकी थी, जबकि दूसरी पत्नी उसे छोड़कर जा चुकी थी। उसकी कोई संतान नहीं थी। परिवार में एक बहन है जो मानसिक रूप से अस्वस्थ है और एकमात्र भांजे ने शव लेने से साफ इनकार कर दिया।

यह घटना जहां एक ओर अपराध की क्रूरता को उजागर करती है, वहीं दूसरी ओर समाज में उपेक्षा और अकेलेपन की मार झेल रहे व्यक्तियों की वास्तविकता को भी सामने लाती है। पुलिस की यह पहल न केवल कानून व्यवस्था की संवेदनशीलता दर्शाती है, बल्कि मानवता का एक सशक्त उदाहरण भी प्रस्तुत करती है।
