Raipur Nandanvan: नंदनवन पक्षी विहार में अब पर्यटकों को रोमांच और प्रकृति का अनूठा अनुभव मिलने जा रहा है। यहां 50 फीट से लेकर 150 फीट तक की जिपलाइन, बोटिंग और मिलेट्स कैफे जैसी नई सुविधाएं विकसित की जाएंगी। नंदनवन पक्षी विहार का संचालन अब जंगल सफारी प्रबंधन से हटाकर रायपुर वनमंडल को सौंप दिया गया है। (रायपुर नंदनवन जिपलाइन एडवेंचर)

हाल ही में वन मंत्री केदार कश्यप और क्षेत्रीय विधायक राजेश मूणत ने नंदनवन पक्षी विहार का निरीक्षण किया था। इसके बाद वन मंत्री ने इसके संचालन की जिम्मेदारी रायपुर वनमंडल को देने के निर्देश दिए थे। संचालन हस्तांतरण के साथ ही नंदनवन (Raipur Nandanvan Zipline) के विकास के लिए 30 लाख रुपए का बजट भी स्वीकृत किया गया है।

रायपुर वनमंडलाधिकारी लोकनाथ पटेल ने बताया कि नंदनवन में पर्यटकों के लिए कई नई सुविधाएं शुरू की जाएंगी। इसमें 50 से 150 फीट तक की जिपलाइन और बोटिंग प्रमुख रूप से शामिल है। जरूरत के अनुसार नए बोट्स भी मंगाए जाएंगे, ताकि लोग प्राकृतिक वातावरण के बीच बोटिंग (Raipur Nandanvan Boating) का आनंद ले सकें।

मेल-फीमेल पक्षियों के अनुपात को किया जाएगा संतुलित
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नंदनवन में सैकड़ों की संख्या में पक्षी (Nandanvan Bird Sanctuary) मौजूद हैं। इनमें एमू, मटककली कबूतर, सिल्वर पिजन, गोल्डन पिजन और ऑस्ट्रेलियन स्काई ब्लू पैरेट जैसे विदेशी पक्षी भी शामिल हैं। वर्तमान में कुछ प्रजातियों में मेल और फीमेल पक्षियों के अनुपात में असंतुलन है, जिसे संतुलित किया जाएगा। इसके साथ ही भविष्य में कुछ नई प्रजातियों के पक्षियों को भी पक्षी विहार में लाने की तैयारी है।
पक्षियों को बेहतर तरीके से देखने के लिए केज के फ्रंट में ग्लास लगाए जाएंगे, जिससे बर्ड वॉचिंग का अनुभव और बेहतर हो सके।

मिलेट्स कैफे भी होगा शुरू
नंदनवन परिसर में मिलेट्स कैफे भी शुरू किया जाएगा, जहां लोग स्थानीय व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे। इसके अलावा कैफे में नॉर्थ इंडियन और साउथ इंडियन फूड भी उपलब्ध रहेगा। प्रबंधन का दावा है कि भोजन के दाम सीमित रखे जाएंगे, ताकि कम कीमत में लोगों को अच्छा और स्वादिष्ट भोजन मिल सके।
31 जनवरी 2026 को नंदनवन पक्षी विहार को औपचारिक रूप से रायपुर वनमंडल को सौंप दिया गया है। इसके बाद से पक्षियों की सुरक्षा, देखरेख और रख-रखाव की पूरी जिम्मेदारी रायपुर वनमंडल की होगी। वन मंत्री ने नंदनवन को नए सिरे से विकसित करने के निर्देश दिए हैं।
