Korba News: कोरबा जिले में एक ही दिन में तीन नवजात शिशुओं की मौत की घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। इन घटनाओं ने न केवल पुलिस-प्रशासन को चौकन्ना कर दिया है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने तीनों मामलों की जांच शुरू कर दी है। (Korba newborn deaths)

पहली घटना : हसदेव पुल के पास मिला भ्रूण (Hasdeo bridge fetus case)
शहर के हसदेव पुल के पास एक मृत भ्रूण मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस को आशंका है कि किसी ने सामाजिक डर या अवांछित गर्भ की वजह से भ्रूण को फेंक दिया। मामले में जांच जारी है।

दूसरी घटना : निजी अस्पताल में जन्म के बाद शिशु की मौत (private hospital newborn death)
टीपी नगर क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में नाबालिग लड़की ने बच्चे को जन्म दिया, लेकिन जन्म के तुरंत बाद शिशु की मौत हो गई। इस घटना के बाद निजी अस्पताल की कार्यप्रणाली और नर्सिंग एक्ट के उल्लंघन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

CSP भूषण एक्का ने बताया कि डीके हॉस्पिटल के डॉक्टर ने आवेदन प्रस्तुत किया है, जिसमें नवजात के जन्म का उल्लेख है। इसमें पति की उम्र केवल 18 वर्ष दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

तीसरी घटना : अविवाहित युवती के शिशु की मौत (unmarried girl childbirth case)
जिला अस्पताल में मोरगा चौकी क्षेत्र की रहने वाली एक अविवाहित युवती ने शिशु को जन्म दिया, लेकिन नवजात ने कुछ देर बाद दम तोड़ दिया।
अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। युवती ने बयान में आरोप लगाया कि एक युवक ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, जिससे वह गर्भवती हुई। युवती कोरबा में कोचिंग की तैयारी के लिए किराए के मकान में रह रही थी।

पुलिस ने सभी मामलों में जांच शुरू कर दी है। वहीं आम लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए समाज और प्रशासन दोनों को गंभीरता से कदम उठाने होंगे।
