Chench Bhaji Research: छत्तीसगढ़ की बेटियों ने एक अनोखा शोध कर राज्य का नाम रोशन किया है। महासमुंद जिले की दो होनहार छात्राओं मृणाल विदानी (Mrinal Vidani) और ओजल चंद्राकर (Ojal Chandrakar) ने चेंच भाजी से फॉरेंसिक पाउडर तैयार किया है। इस पाउडर का उपयोग अपराध स्थल पर फिंगरप्रिंट और अन्य साक्ष्य जुटाने में किया जाएगा। उनके इस आविष्कार को भारत सरकार से कॉपीराइट की मान्यता भी मिल गई है।

चेंच भाजी से फॉरेंसिक पाउडर का निर्माण (Chench Bhaji Forensic Powder)
विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी, जयपुर में फॉरेंसिक विषय की पढ़ाई कर रहीं मृणाल विदानी (DNA सेरोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएशन) और ओजल चंद्राकर (BSC फॉरेंसिक साइंस फाइनल ईयर) ने मिलकर यह उपलब्धि हासिल की है।

अपराध की गुत्थियां सुलझाने में मिलेगी मदद (Fingerprint Detection Powder)
मृणाल विदानी को पहले भी कोसे के धागे से फॉरेंसिक ब्रश बनाने के लिए भारत सरकार से कॉपीराइट मिल चुका है।
अब दोनों छात्राओं ने चेंच भाजी से फॉरेंसिक पाउडर तैयार किया है, जो अपराध स्थल पर अपराधियों द्वारा छोड़े गए फिंगरप्रिंट और साक्ष्यों को पकड़ने में कारगर होगा।
