CG Nuns Mamla : संसद में गूंजा छत्तीसगढ़ नन गिरफ्तारी का मामला, भाजपा-कांग्रेस में तीखी नोकझोंक

CG Nuns Mamla : छत्तीसगढ़ नन गिरफ्तारी मामला संसद में गूंजा ! दुर्ग और बस्तर के सांसदों ने कांग्रेस पर लगाए आरोप

 

रायपुर | CG Nuns Mamla : इन दिनों छत्तीसगढ़ में नन गिरफ्तारी और धर्मांतरण का मामला गरमाया हुआ है। संसद से लेकर सड़कों तक इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। भाजपा सांसदों ने कांग्रेस पर मानव तस्करी को संरक्षण देने का आरोप लगाया है, जबकि राहुल गांधी का कहना है कि ननों को आस्था के कारण निशाना बनाया जा रहा है।

 

बता दें कि नन गिरफ्तारी और धर्मांतरण के मुद्दे पर संसद में जोरदार बहस हुई। दुर्ग सांसद विजय बघेल और बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कांग्रेस पर मानव तस्करी को संरक्षण देने का आरोप लगाया।

 

 

छत्तीसगढ़ में नन गिरफ्तारी से जुड़ा विवाद अब संसद तक पहुंच गया है। संसद के शून्यकाल में यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया, जहां दुर्ग सांसद विजय बघेल और बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कांग्रेस पार्टी पर मानव तस्करी और धर्मांतरण को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया।

 

 

क्या है मामला?
दुर्ग रेलवे स्टेशन पर दो ननों (ईसाई महिला धार्मिक कार्यकर्ता) को आदिवासी नाबालिग लड़कियों के साथ आगरा ले जाते हुए पकड़ा गया था। इन पर धर्मांतरण और मानव तस्करी का आरोप लगा। जागरूक स्थानीय नागरिकों ने पुलिस को इसकी सूचना दी, जिसके बाद कार्रवाई की गई।

 

 

 

संसद में उठा मुद्दा
दुर्ग सांसद विजय बघेल ने शून्यकाल में कहा “ये मामला सिर्फ धर्मांतरण का नहीं बल्कि भोली-भाली आदिवासी बेटियों के भविष्य से खिलवाड़ का है। कांग्रेस के नेता इन आरोपियों के पक्ष में खड़े होकर भ्रम फैला रहे हैं।”

 

 

 

बघेल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के बड़े नेता जैसे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इस मुद्दे पर ननों के पक्ष में बोलकर मानव तस्करी और धर्मांतरण को अप्रत्यक्ष संरक्षण दे रहे हैं।

 

 

राहुल गांधी – भाजपा-RSS का भीड़तंत्र
वही अब दूसरी तरफ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर लिखा- छत्तीसगढ़ में 2 कैथोलिक ननों को उनकी आस्था के कारण निशाना बनाकर जेल भेज दिया गया। यह न्याय नहीं, बल्कि भाजपा-RSS का भीड़तंत्र है।

 

 

यह एक खतरनाक पैटर्न को दर्शाता है। ये बीजेपी के शासन में अल्पसंख्यकों का सिस्टेमैटिक उत्पीड़न है। UDF सांसदों ने संसद में विरोध प्रदर्शन किया। हम चुप नहीं बैठेंगे। धार्मिक स्वतंत्रता एक संवैधानिक अधिकार है। हम ननों की तत्काल रिहाई और इस अन्याय के लिए जवाबदेही की मांग करते हैं।

 

 

इस पर CM विष्णुदेव साय ने कहा कि मामला मानव तस्करी और धर्मांतरण से जुड़ा हुआ है। अभी जांच जारी है। कानून अपने हिसाब से काम करेगा। इस पर कांग्रेस राजनीति कर रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं दुर्ग रेलवे स्टेशन से बरामद की गई युवती की मां ने बताया कि हमने अपनी बेटी को खुद भेजा था, अपने पैर पर खड़ा होने के लिए।

 

 

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