Korba News: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। बांकिमोंगरा थाना क्षेत्र में संदिग्ध हालत में मिली एक महिला की अधजली लाश को पुलिस ने शव वाहन या एंबुलेंस की बजाय नगर पालिका की कचरा ढोने वाली गाड़ी में रखकर अस्पताल भिजवाया। यह घटना प्रशासन की संवेदनहीनता और लापरवाही की गवाही देती है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान गीता श्री विश्वास के रूप में हुई। महिला की अधजली लाश मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और कानूनी प्रक्रिया पूरी की। लेकिन शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजने के लिए एंबुलेंस या शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया।

पुलिस ने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) से शव वाहन की मांग की, पर सुविधा नहीं मिली। आखिरकार मजबूरी में शव को नगर पालिका की कचरा गाड़ी में डालकर अस्पताल भेजा गया।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या मौत के बाद इंसान को सम्मान नहीं मिलना चाहिए? जब सरकार जिंदा लोगों के लिए निःशुल्क एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध करा रही है, तो मृत शरीर के लिए यह अपमानजनक व्यवहार क्यों?
शव को कचरा वाहन में ले जाना केवल एक लॉजिस्टिक समस्या नहीं, बल्कि यह समाज और प्रशासन की संवेदनहीन सोच का परिचायक है।
ASI सस्पेंड
कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि घटना का वीडियो सामने आने के बाद संबंधित एएसआई को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि और कौन-कौन अधिकारी दोषी हैं।
