Jagannath Puri : भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक और भव्य रथ यात्रा 2025 को लेकर पुरी में जबरदस्त उत्साह का माहौल है। इस बार अनुमान है कि 10 लाख से अधिक श्रद्धालु महाप्रभु के दर्शन को पहुंचेंगे। इतनी विशाल भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और स्वास्थ्य संबंधी तैयारियों को चाक-चौबंद किया है। पुलिस और प्रशासन के लिए यह एक बड़ी चुनौती है कि रथयात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
AI कैमरे और ड्रोन से निगरानी
इस साल की रथ यात्रा हाईटेक निगरानी प्रणाली से लैस होगी। पुरी टाउन पुलिस स्टेशन में एकीकृत कमांड कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां 275 AI कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग की जाएगी। ट्रैफिक जाम या अत्यधिक भीड़ वाले स्थानों की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दी जाएगी। इसके साथ ही ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की जाएगी ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।

पुरी शहर 8 सुरक्षा जोनों में विभाजित
सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए पुरी शहर को 8 जोनों में बांटा गया है। इनमें मंदिर परिसर, रथ के चारों ओर की घेराबंदी, भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और समुद्री मार्ग की सुरक्षा शामिल है। सुरक्षा एजेंसियां हर संभावित खतरे को ध्यान में रखकर तैयार हैं।
पुरी शहर में भुवनेश्वर उत्तरा चैक, पुरी कोणार्क मार्ग पर 275 एआई कैमरे लगाए गए हैं। आतंकवादी हमलों को रोकने के लिए ड्रोन विरोधी प्रणाली, डॉग स्क्वायड और आतंकवाद विरोधी दस्ते की तैनाती की जाएगी।
10,000 पुलिसकर्मी और विशेष बलों की तैनाती
10,000 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे. सुरक्षा के लिए कुल 200 प्लाटून पुलिस बल तैनात किए जाएंगे. बीएसएफ, आरएएफ, सीआरपीएफ की आठ कंपनी बल तैनात किए जाएंगे। रथयात्रा की सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए 21 आईपीएस और 1200 अधिकारी तैनात रहेंगे. इसी तरह बाहुड़ा यात्रा और सुना बेशा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रथयात्रा जैसी सुरक्षा व्यवस्था भी रहेगी। समुद्री पुलिस, तट रक्षक और नौसेना भी समुद्री तट पर गश्त करेगी।

“बॉट ऐप” से मिलेगी मेला की हर जानकारी
भक्तों की सुविधा के लिए प्रशासन ने एक बॉट ऐप तैयार किया है। इस ऐप के जरिए यातायात मार्ग, पार्किंग, पेयजल केंद्र, शौचालय, भोजनालय, प्लास्टिक डिस्पोजल आदि की जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सकेगी। इससे श्रद्धालु सही दिशा में समय पर पहुंच सकेंगे।
स्वास्थ्य सेवाएं भी तैयार
रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सभी स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है. विभिन्न स्थानों पर 69 प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और 64 एम्बुलेंस की भी व्यवस्था की गई है. जिला मुख्यालय अस्पताल में 378 अतिरिक्त डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी तैनात किए जाएंगे. आईसीयू और 265 इमरजेंसी बेड की व्यवस्था के साथ ही सरकार ने राज्य में डायरिया संक्रमण को रोकने के लिए सभी इंतजाम किए हैं. शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए 20 लाख पानी की बोतलें उपलब्ध कराई गई हैं. मुख्य सड़कों पर पेयजल की व्यवस्था है
