CG Khairagarh News: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले के छुईखदान विकासखंड अंतर्गत ग्राम बसंतपुर के शासकीय स्कूल में पेंटिंग कार्य के दौरान अचानक आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में एक नाबालिग सहित पांच मजदूर झुलस गए। सभी मजदूर मजगांव के निवासी हैं और आदिवासी समुदाय से आते हैं।
हादसा उस समय हुआ जब स्कूल की दीवारों पर पेंटिंग के लिए तारपीन तेल का उपयोग किया जा रहा था। आग कैसे लगी, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अत्यधिक ज्वलनशील तारपीन तेल के संपर्क में आग आई और पांचों मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
घायलों की पहचान तोरण पोर्ते (22), गौतम नेताम (20), अश्वंत (19), सूरज नेताम (18), और तारन नेताम (15) के रूप में हुई है। प्राथमिक उपचार के लिए उन्हें पहले साल्हेवारा स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहाँ से उन्हें बेहतर इलाज के लिए छुईखदान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया गया। फिलहाल सभी की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
बाल श्रम और सुरक्षा में भारी लापरवाही
इस घटना ने शिक्षा विभाग और निर्माण कार्य में लगी एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस कार्य में एक नाबालिग बालक से श्रम कराया जा रहा था, जो बाल श्रम कानून का सीधा उल्लंघन है। इसके अलावा, इतनी जोखिम भरी पेंटिंग प्रक्रिया के दौरान कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे।
स्थानीय सूत्रों की मानें तो यह निर्माण कार्य राजनांदगांव के ठेकेदार मुकेश तिवारी द्वारा कराया जा रहा था। हालांकि घटना के बाद न तो ठेकेदार की कोई सफाई सामने आई है और न ही शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान। अधिकारियों की चुप्पी से लोगों में नाराजगी है।
गांव में आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। उनका कहना है कि यदि स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग सतर्क रहते, तो इस प्रकार की दुर्घटना टाली जा सकती थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो।
