CG Politics: कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए बयान पर विवाद बढ़ता जा रहा है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले में धीरेंद्र शास्त्री पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए निशाना साधा है।
भूपेश बघेल ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि “कोई तो केमिकल लोचा है। इनकी रेबीज वगैरह की जांच करवाना ठीक होगा।” उन्होंने आगे कहा कि हिंदू-हिंदू करते-करते अब यह ढोंगी बाबा हिंदुओं के आराध्य देवी-देवताओं की खिल्ली उड़ाने लगा है। उन्होंने सवाल उठाया कि हिंदू धर्म के नाम पर भावनाएं आहत होने की बात करने वाले लोग अब इस मामले में चुप क्यों हैं।
वहीं, धीरेंद्र शास्त्री के बयान को लेकर मथुरा के साधु-संतों ने नाराजगी जताई है और उनसे माफी मांगने की मांग की है। विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने सफाई देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण एक ही हैं, दोनों में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी बात से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह माफी मांगते हैं।
भूपेश पहले भी कर चुके हैं धीरेंद्र शास्त्री पर हमला
इससे पहले भी भूपेश बघेल धीरेंद्र शास्त्री पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगा चुके हैं। साल 2025 में दोनों के बीच बयानबाजी हुई थी। उस समय धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि अगर हिंदू समाज को जोड़ना अंधविश्वास है तो ऐसे लोग देश छोड़ दें।
इसके जवाब में भूपेश बघेल ने कहा था कि जब धीरेंद्र शास्त्री का जन्म भी नहीं हुआ था, तब से वह हनुमान चालीसा पढ़ रहे हैं। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री पर राजनीतिक आरोप भी लगाए थे।
धीरेंद्र शास्त्री ने की थी टिप्पणी
मध्यप्रदेश के शिवपुरी में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की तुलना को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि श्रीकृष्ण की मुद्रा 3 जगह से टेढ़ी होती है, जबकि भगवान श्रीराम सीधे खड़े होते हैं।
उन्होंने अयोध्या और वृंदावन की तुलना को लेकर भी बात कही थी। इसके बाद उनका वीडियो सामने आने पर मथुरा के साधु-संतों ने आपत्ति जताई और उनसे बयान पर स्पष्टीकरण देने की मांग की।
धीरेंद्र शास्त्री ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वीडियो जारी कर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी बात को गलत तरीके से समझा गया है और उनका भगवान श्रीराम व श्रीकृष्ण में भेद करने का कोई उद्देश्य नहीं था।
उन्होंने कहा कि वह भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम दोनों के भक्त हैं। दोनों ही एक स्वरूप हैं और उनमें कोई अंतर नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी बात या व्याख्या से किसी की भावना आहत हुई है, तो वे माफी मांगते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि उनकी बात का गलत अर्थ न निकाला जाए।



