CG Murder: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में बहू और उसके प्रेमी ने मिलकर ससुर की करंट लगाकर हत्या कर दी थी। प्रेमी के घर आकर हारमोनियम सिखाने से ससुर नाराज था और इसका विरोध करता था। इसी बात को लेकर दोनों ने हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।
हत्या के बाद आरोपियों ने इसे साइकिल से गिरने के कारण हुई मौत बताने की कोशिश की, लेकिन अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान मृतक के शरीर पर चोट और जलने के निशान देखकर ग्रामीणों को शक हुआ। पुलिस जांच में हत्या का खुलासा हुआ। घटना के करीब 15 महीने बाद अदालत ने बहू और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामला डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम खड़ेनाडीह का है।
हारमोनियम सिखाने के दौरान बढ़ी थी नजदीकी
जानकारी के अनुसार, ग्राम खड़ेनाडीह निवासी गीता निर्मलकर (30) गांव की सेवा मंडली में भजन गाने जाती थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात पड़ोसी गांव के संगीतकार लेखराम निषाद (25) से हुई। लेखराम उसे हारमोनियम सिखाता था और इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं।
गीता के ससुर मनोहर निर्मलकर (63) को दोनों की दोस्ती पसंद नहीं थी। लेखराम जब हारमोनियम सिखाने के लिए घर आता था, तो मनोहर इसका विरोध करता था। इसी बात से नाराज होकर गीता और लेखराम ने ससुर की हत्या की योजना बनाई। 16 जुलाई 2025 की रात सोते समय करंट लगाकर मनोहर निर्मलकर की हत्या कर दी गई।
अंतिम संस्कार की जल्दबाजी से हुआ शक
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद लेखराम ने मामले को छिपाने के लिए मौत को हादसा बताने की कोशिश की। वह चाहता था कि शव का अंतिम संस्कार जल्द कर दिया जाए, जिससे किसी को शक न हो।
लेखराम ने सुबह होते ही अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी और शव को मुक्तिधाम ले जाने की जल्दबाजी करने लगा। उसकी गतिविधियों पर ग्रामीणों को शक हुआ। ग्रामीणों ने उससे सवाल किए कि वह मृतक का रिश्तेदार नहीं है, फिर इतनी जल्दी अंतिम संस्कार क्यों करवा रहा है।
इसी दौरान शव को देखने पर चेहरे, माथे और गले पर चोट के निशान तथा जलने के निशान मिले। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में करंट से मौत की पुष्टि
पुलिस जांच में पोस्टमॉर्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में मौत का कारण बिजली का करंट लगना सामने आया। इसके बाद पुलिस ने कॉल डिटेल, तकनीकी साक्ष्य और घटनास्थल से मिले सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
जांच के दौरान पुलिस ने घटना में इस्तेमाल बिजली का तार, रबर के दस्ताने, खून लगा गमछा और मोबाइल जब्त किया। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया।
अदालत ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
मामले की सुनवाई के बाद एडीजे न्यायालय ने गीता निर्मलकर और उसके प्रेमी लेखराम निषाद को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
मामले की जांच तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश सिंह ने की थी। राज्य शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक घनश्याम सिंह साहू ने न्यायालय में पैरवी की।




