DA Hike 2026: केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स को दिवाली से पहले बड़ी राहत दी है। सरकार ने महंगाई भत्ता (DA) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस बढ़ोतरी के बाद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स का महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा।
इस फैसले का लाभ करीब 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनर्स को मिलेगा। सरकार इस बढ़ोतरी पर लगभग 10 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी। नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी। जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने का बकाया भुगतान भी कर्मचारियों को एरियर के रूप में दिया जाएगा।
अप्रैल में बढ़ा था 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता
इससे पहले अप्रैल 2026 में केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद डीए बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया था। अब इसमें 3 प्रतिशत की और वृद्धि के बाद कर्मचारियों को 63 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा।
वेतन में ऐसे होगा असर
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का असर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी के आधार पर तय होगा।
यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18 हजार रुपए है, तो 3 प्रतिशत बढ़ोतरी के अनुसार हर महीने करीब 540 रुपए की वृद्धि होगी।
वहीं, जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 56,100 रुपए है, उनकी मासिक सैलरी में करीब 1,683 रुपए तक का इजाफा होगा।
जुलाई से मिलेगा एरियर
क्योंकि नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू की गई हैं, इसलिए कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने का बकाया भुगतान भी मिलेगा। यह राशि आगामी वेतन के साथ खाते में भेजी जाएगी।
साल में दो बार होता है महंगाई भत्ते में बदलाव
केंद्र सरकार हर साल कर्मचारियों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में दो बार संशोधन करती है। पहला संशोधन जनवरी से और दूसरा जुलाई से लागू किया जाता है।
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का फैसला ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आंकड़ों के आधार पर लिया जाता है। बढ़ती महंगाई के अनुसार कर्मचारियों को राहत देने के लिए यह भत्ता दिया जाता है।
कर्मचारियों के खर्च में राहत देने के लिए मिलता है भत्ता
महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई के प्रभाव को कम करने के लिए दिया जाता है। यह कर्मचारी की मूल सैलरी के प्रतिशत के रूप में तय होता है।
वहीं, पेंशनर्स को महंगाई राहत (DR) उनकी मूल पेंशन के आधार पर दी जाती है। इसका उद्देश्य रोजमर्रा की जरूरतों पर बढ़ते खर्च का असर कम करना है।
