Raipur News: वनमंत्री की पत्नी को 20 करोड़ की जमीन देने का आरोप, कांग्रेस बोली- कम कीमत में प्लॉट लिया

Raipur News: रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की लाभांडी-कचना-सड्डू नगर विकास योजना में जमीन आवंटन को लेकर सियासी विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरोप लगाया है कि मंत्री केदार कश्यप की पत्नी की कंपनी को कचना की जमीन के बदले सड्डू में करीब 23 हजार वर्गफीट का प्रीमियम प्लॉट दिया जा रहा है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 20 करोड़ रुपए है।

Raipur News: रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की लाभांडी-कचना-सड्डू नगर विकास योजना में जमीन आवंटन को लेकर सियासी विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता ने आरोप लगाया है कि मंत्री केदार कश्यप की पत्नी की कंपनी को कचना की जमीन के बदले सड्डू में करीब 23 हजार वर्गफीट का प्रीमियम प्लॉट दिया जा रहा है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 20 करोड़ रुपए है। (केदार कश्यप पत्नी जमीन विवाद)

कांग्रेस नेता ने इस मामले में मुख्य सचिव से जांच कराने और योजना को निरस्त करने की मांग की है। वहीं, RDA अधिकारियों का कहना है कि अभी तक इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। दावा-आपत्ति आने के बाद नियमानुसार जांच की जाएगी।

कचना की जमीन के बदले सड्डू में प्लॉट दिया (Kedar Kashyap Wife Plot Case)

डॉ. राकेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि RDA की वेबसाइट पर जारी जानकारी के अनुसार, मंत्री केदार कश्यप की पत्नी शांति कश्यप (Kedar Kashyap Wife Company) की कंपनी राधिका पैलेस प्राइवेट लिमिटेड को सड्डू में प्लॉट नंबर-25 आवंटित किया जा रहा है। यह प्लॉट करीब 2,168 वर्गमीटर यानी 23,327 वर्गफीट क्षेत्रफल का बताया गया है।

कांग्रेस ने लगाए 20 करोड़ की जमीन देने के आरोप

कांग्रेस नेता का दावा है कि यह जमीन प्रस्तावित 150 फीट चौड़ी एमआर-43 सड़क के पास स्थित है। उन्होंने इसकी अनुमानित कीमत करीब 10 हजार रुपए प्रति वर्गफीट के हिसाब से लगभग 20 करोड़ रुपए बताई है।

कांग्रेस ने नियमों पर उठाए सवाल

डॉ. गुप्ता का कहना है कि कंपनी के पास कचना के नालापारा क्षेत्र में करीब 1.33 एकड़ जमीन है। उनके मुताबिक यह जमीन संकरी सड़क से जुड़ी हुई थी और उसकी बाजार कीमत कम थी। आरोप है कि नगर विकास योजना में जमीन शामिल होने के बाद इसके बदले कंपनी को सड्डू जैसे विकसित क्षेत्र में बड़ा प्लॉट दिया जा रहा है।

उन्होंने छत्तीसगढ़ नगर और ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा-50 का हवाला देते हुए कहा कि नियमों के अनुसार भूखंड का आवंटन मूल जमीन के आसपास किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कचना की जमीन के बदले करीब एक किलोमीटर दूर सड्डू में प्लॉट दिया जा रहा है।

अन्य भू-स्वामियों के आवंटन पर भी सवाल

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि कुछ अन्य भू-स्वामियों को भी मुख्य सड़क से जुड़े भूखंडों के स्थान पर योजना के अंदरूनी हिस्सों में जमीन दी गई है। उन्होंने पूरे भूखंड आवंटन की प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है।

वहीं, इस मामले में मंत्री केदार कश्यप की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। RDA अधिकारियों ने कहा है कि शिकायत मिलने या दावा-आपत्ति प्रक्रिया के बाद तथ्यों की जांच की जाएगी।

 

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