CG Doctors Strike: स्टाइपेंड बढ़ने के बाद भी डॉक्टरों की हड़ताल जारी, सिर्फ एक मांग पूरी; इमरजेंसी सेवा बंद

CG Doctors Strike: रायपुर में छत्तीसगढ़ जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) की हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रही। सरकार ने एमबीबीएस इंटर्न का मासिक स्टाइपेंड बढ़ाकर 25 हजार रुपए करने का आदेश जारी कर दिया है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि उनकी 17 सूत्रीय मांगों में से केवल एक मांग पूरी हुई है। बाकी मांगों पर निर्णय नहीं होने के कारण आंदोलन जारी रखने का फैसला लिया गया है।

CG Doctors Strike: रायपुर में छत्तीसगढ़ जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) की हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रही। सरकार ने एमबीबीएस इंटर्न का मासिक स्टाइपेंड बढ़ाकर 25 हजार रुपए करने का आदेश जारी कर दिया है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि उनकी 17 सूत्रीय मांगों में से केवल एक मांग पूरी हुई है। बाकी मांगों पर निर्णय नहीं होने के कारण आंदोलन जारी रखने का फैसला लिया गया है।

हड़ताल का असर अंबेडकर अस्पताल की ओपीडी सेवाओं पर भी देखने को मिला। कई विभागों में डॉक्टरों की कुर्सियां खाली रहीं और सामान्य दिनों की तुलना में मरीजों की संख्या भी कम रही। फिलहाल जूनियर डॉक्टर ओपीडी का सांकेतिक बहिष्कार कर रहे हैं।

लिखित आदेश मिलने तक आंदोलन जारी

कैंसर विभाग के डॉ. विनय कुमार साहू ने कहा कि सरकार ने केवल एक मांग पर निर्णय लिया है, जबकि अन्य मांगों पर अभी तक कोई लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है। उनका कहना है कि जब तक सभी महत्वपूर्ण मांगों पर स्पष्ट आदेश जारी नहीं होते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

स्टाइपेंड बढ़ाने पर जताया आभार

इंटर्न डॉक्टर संस्कार ने स्टाइपेंड बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री का आभार जताया, लेकिन कहा कि डॉक्टरों और मरीजों के हित में बाकी मांगों का पूरा होना भी जरूरी है। उन्होंने बॉन्ड व्यवस्था में बदलाव और सुपर स्पेशियलिटी कैडर लागू करने की मांग को भी महत्वपूर्ण बताया।

10 जून से स्टाइपेंड लागू करने की मांग

इंटर्न डॉक्टर सीमा मिश्रा ने कहा कि सरकार ने बढ़ा हुआ स्टाइपेंड 1 अक्टूबर से लागू करने का आदेश दिया है, जबकि डॉक्टर चाहते हैं कि इसे 10 जून से प्रभावी किया जाए। उनका कहना है कि अन्य राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ में भी संशोधित स्टाइपेंड पूर्व प्रभाव से लागू होना चाहिए।

बारिश में भी जारी रहा धरना

तेज बारिश के बावजूद मेडिकल कॉलेज परिसर में जूनियर डॉक्टरों का धरना जारी रहा। डॉक्टरों का कहना है कि उनका आंदोलन मरीजों के खिलाफ नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार और डॉक्टरों की लंबित मांगों को लेकर है।

28 सितंबर से आंदोलन होगा तेज

JDA ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बाकी मांगों पर फैसला नहीं हुआ तो 28 सितंबर से इमरजेंसी सेवाओं सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं का भी बहिष्कार किया जाएगा। रायपुर के अलावा बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर मेडिकल कॉलेजों के रेजिडेंट, इंटर्न, पीजी बॉन्डेड और एमबीबीएस बॉन्डेड डॉक्टर भी आंदोलन में शामिल हैं।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *