CG Fraud: बिलासपुर जिले में सोने-चांदी के गहनों से भरा घड़ा सस्ते में दिलाने का लालच देकर एक किसान से 6 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने पहले गहनों से भरा घड़ा मिलने की कहानी सुनाई, फिर नकली पुलिसकर्मी बनकर पूरी साजिश को अंजाम दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला कोटा थाना क्षेत्र का है। मुंगेली जिले के ग्राम गाड़ाघाट निवासी किसान विष्णु बघेल ने पुलिस को बताया कि 25 अगस्त को तखतपुर के बकरी बाजार में उसकी मुलाकात परिचित पालन भास्कर से हुई थी। बातचीत के दौरान पालन ने बताया कि उसके परिचित को सोने-चांदी के गहनों से भरा घड़ा मिला है और वह उसे सस्ते में दिला सकता है।
12 लाख में घड़े का सौदा
विष्णु ने अपने भांजे धनेश पात्रे के साथ पालन से दोबारा संपर्क किया। 30 अगस्त को दोनों कुरदर के पास एक गांव में बलराम यादव के घर पहुंचे, जहां उन्हें गहनों से भरा घड़ा दिखाया गया। पहले इसकी कीमत 20 लाख रुपए बताई गई, लेकिन बाद में 12 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। समझौते के अनुसार 6 लाख रुपए पहले और बाकी रकम गहने मिलने के एक सप्ताह बाद देने की बात हुई।
6 लाख लेने के बाद नकली पुलिस की एंट्री
31 अगस्त की रात विष्णु और उसका भांजा 6 लाख रुपए लेकर कुरदर पहुंचे। वहां पालन, संजय पनिक और पसउ बैगा के साथ बलराम यादव के घर गए, जहां विष्णु ने 6 लाख रुपए दे दिए। इसके बाद सभी गहनों से भरी बोरी लेकर कार से निकले।
रास्ते में सेमरिया गांव के पास पुलिस की वर्दी पहने दो लोगों ने कार रोक ली। उन्होंने तलाशी ली, मोबाइल से फोटो खींचे और फिर जाने दिया। कुछ दूरी पर पालन और पसउ ने तबीयत खराब होने और मोबाइल गुम होने का बहाना बनाकर कार से उतर गए। बाद में पालन ने बताया कि पुलिस ने गहनों से भरी बोरी जब्त कर ली है। इसके बाद आरोपियों के मोबाइल बंद हो गए।
3 स्टार वाली वर्दी पहने थे नकली पुलिस
शिकायतकर्ता के अनुसार कुछ दिनों तक आरोपी पैसे लौटाने का भरोसा देते रहे। 6 सितंबर को मुंगेली कलेक्टर कार्यालय के पास विष्णु ने उसी व्यक्ति को देखा, जिसने पुलिस अधिकारी बनकर कार की तलाशी ली थी। पूछताछ में उसकी पहचान लोकेश राजपूत के रूप में हुई।
इसके बाद किसान ने कोटा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

