CG Employment Mission: छत्तीसगढ़ सरकार रोजगार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए पांच साल के लिए 500 करोड़ रुपए के वित्तीय प्रावधान वाला मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन शुरू करने की तैयारी में है। इस मिशन के तहत 40 हजार युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
मिशन की गाइडलाइन तैयार कर ली गई है। इसके तहत रोजगार देने का दावा करने वाली कंपनियों को सरकारी सहायता केवल रिकॉर्ड के आधार पर मिलेगी। नौकरी की पुष्टि के लिए ईपीएफओ, ईएसआईसी, पेरोल, टैक्स और अप्रेंटिसशिप रिकॉर्ड की जांच की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य फर्जी और दोहरे दावों को रोकना है। इसके लिए अलग-अलग सरकारी रिकॉर्ड का मिलान कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एक ही कर्मचारी के नाम पर गलत तरीके से सहायता न ली जा सके।
तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में इनोवेशन एवं प्रौद्योगिकी केंद्र खोले जाएंगे। इसके अलावा 100 लैब विकसित की जाएंगी, जहां युवाओं को नई तकनीक, कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता से जुड़े अवसर मिलेंगे।
बाहर नौकरी पर 84 हजार, राज्य में 48 हजार
मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन में युवाओं के रोजगार को दो श्रेणियों में बांटा गया है। छत्तीसगढ़ से बाहर नौकरी पाने वाले युवाओं के लिए प्रति कर्मचारी सालाना अधिकतम 84 हजार रुपए तक सहायता का प्रावधान है।
वहीं, राज्य के भीतर रोजगार देने पर अधिकतम 48 हजार रुपए तक सहायता दी जाएगी। इसके लिए युवा का छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना जरूरी होगा।
मिशन में केवल रोजगार की संख्या बढ़ाने के बजाय लंबे समय तक चलने वाली नौकरियों को प्राथमिकता दी जाएगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन के कारण भविष्य में खत्म होने वाले अधिक जोखिम वाले पदों को योजना में शामिल नहीं किया जाएगा।
20 हजार युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य
मिशन के तहत कुल 40 हजार युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें 20 हजार युवाओं को छत्तीसगढ़ में और 20 हजार युवाओं को राज्य के बाहर रोजगार उपलब्ध कराने की योजना है। रोजगार आधारित सहायता को औपचारिक रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा, जिससे सरकार यह पता लगा सकेगी कि संबंधित युवा की नौकरी जारी है या समाप्त हो चुकी है।
स्टार्टअप के लिए 100 करोड़ का फंड
स्टार्टअप और निवेश को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपए का फंड बनाया जाएगा। इसमें राज्य सरकार 50 करोड़ रुपए देगी, जबकि 50 करोड़ रुपए निजी क्षेत्र से सह-निवेश के रूप में जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। स्टार्टअप को निवेशकों से जोड़ने के लिए मेंटर कनेक्ट, पिच-डेमो डे और बाजार से जोड़ने जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

