Bhupesh Baghel: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर भूपेश बघेल बोले- छात्र नरसिंह अवतार के रूप, बिलासपुर में निकली विजय रैली

Bhupesh Baghel: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे देशभर के छात्रों की जीत बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार की तुलना 'हिरण्यकश्यप' से की और कहा- एक प्रधान का इस्तीफा हो गया है।

Bhupesh Baghel: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे देशभर के छात्रों की जीत बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार की तुलना ‘हिरण्यकश्यप’ से की और कहा- एक प्रधान का इस्तीफा हो गया है।tc

भूपेश बघेल ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश के छात्रों की जीत है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की राजनीतिक हार बताया। साथ ही कहा कि छात्रों की एकजुटता के सामने सरकार को झुकना पड़ा।

 

बिलासपुर में निकली विजय रैली

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बिलासपुर में छात्रों और युवा संगठनों ने विजय रैली निकाली। रैली के दौरान “छात्र एकता जिंदाबाद” और “एनटीए रद्द करो” जैसे नारों के साथ प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में छात्र इस रैली में शामिल हुए।

Bhupesh Baghel: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे देशभर के छात्रों की जीत बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार की तुलना 'हिरण्यकश्यप' से की और कहा- एक प्रधान का इस्तीफा हो गया है।

लड़ाई अभी बाकी

रैली में शामिल छात्रों ने कहा कि उनका आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और अन्य मांगों को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

भूपेश बघेल ने क्या कहा?

भूपेश बघेल ने कहा कि आंदोलन के दौरान कई तरह के आरोप लगाए गए, लेकिन अंत में छात्रों की आवाज मजबूत साबित हुई। उन्होंने कहा कि भाजपा की टोल टीम ने सोनम वांगचुक को चीन का ऐजेंट बता दिया था और मंत्री उनको जूस पिला रहे थे। इनकी स्थिति यह है कि जब जरूरत पड़े तो ये किसी को भी अपना बाप बना ले। छात्रों के आगे किसी एजेंसी की नहीं चली। छात्र नरसिंह के अवतार में आए हैं। छात्र अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़े हुए और यही लोकतंत्र की ताकत है।

12 साल में विरोध के बाद मंत्री का इस्तीफा

बताया जा रहा है कि वर्ष 2014 में केंद्र में सरकार बनने के बाद विरोध के चलते इस्तीफा देने वाले धर्मेंद्र प्रधान पहले केंद्रीय मंत्री हैं। इससे पहले 2018 में विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने अपने ऊपर लगे आरोपों के बाद इस्तीफा दिया था।

 

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