Raipur News: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए मकानों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। कचना के PM आवास के रहवासियों का आरोप है कि मकान मिलने के महज 3 वर्ष के भीतर ही कई घरों में दीवारों में दरारें, कॉलम टूटने, प्लास्टर उखड़ने और अन्य निर्माण संबंधी समस्याएं सामने आने लगी हैं। लोगों का कहना है कि निर्माण में घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया है।
रहवासियों के अनुसार कई मकानों की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई दे रही हैं। कॉलम का प्लास्टर हाथ लगाने पर ही उखड़ रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर बाउंड्री वॉल में कॉलम दिखाए गए हैं, लेकिन अंदर कॉलम मौजूद नहीं हैं। लोगों का आरोप है कि मकानों का निर्माण निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं किया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सरकारी परियोजना होने के बावजूद निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती गई है। उनका आरोप है कि संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी की मिलीभगत के कारण गरीब परिवारों को निम्न गुणवत्ता वाले मकान सौंप दिए गए। रहवासियों का कहना है कि जिन मकानों को वर्षों तक सुरक्षित रहने के उद्देश्य से बनाया गया, उनकी वर्तमान स्थिति देखकर भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
कॉलोनीवासियों ने शासन, प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि पूरे आवास परिसर के कॉलम, दीवारों और अन्य संरचनाओं की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।





