धमतरी: CG Ration Card Cancelled: सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीबों को मिलने वाले राशन पर रसूखदारों और संपन्न लोगों के कब्जे का बड़ा खुलासा हुआ है। जिले में चलाए जा रहे विशेष सत्यापन अभियान के दौरान 92 हजार से अधिक लोगों को जांच के दायरे में लिया गया है। इनमें से अब तक 4 हजार 300 राशन कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं, जबकि अन्य मामलों की जांच जारी है।![]()
मुफ्त चावल लेने के मामलों में संपन्न लोगों, बड़े किसानों, शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों, करदाताओं, कंपनी निदेशकों और अन्य प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आए हैं। इसका खुलासा केन्द्र और राज्य स्तर पर वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत डिजिटल आंकड़ों के मिलान और ई-केवाईसी सत्यापन के दौरान हुआ है।
खाद्य विभाग से मिली जानकारी
विभागीय जांच के बाद इन मामलों को सत्यापन के लिए सूचीबद्ध किया गया है। खाद्य विभाग के अनुसार 25 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वर्ग से जुड़े 138 कंपनी निदेशक, 35 करदाता और 6 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले 1 हजार 568 परिवार चिन्हित किए गए हैं।
इसके अलावा 85 हजार से अधिक ऐसे कृषक भी जांच के दायरे में आए हैं, जिनके पास निर्धारित सीमा से अधिक कृषि भूमि दर्ज है।
जिले में 2.63 लाख राशन कार्ड हितग्राही
धमतरी जिले में 55 हजार 982 अंत्योदय, 455 निराश्रित, 1 लाख 81 हजार 802 प्राथमिकता और 24 हजार 637 एपीएल राशन कार्ड हैं। इस प्रकार जिले में कुल 2 लाख 63 हजार 326 राशन कार्डधारी हितग्राही हैं। वहीं कुल 8 लाख 57 हजार 911 सदस्यों का ई-केवाईसी कराया जा रहा है। वर्तमान में छोटे बच्चे और ऐसे बुजुर्ग जिनके अंगुलियों के निशान मशीन में दर्ज नहीं हो पा रहे हैं, उनका ई-केवाईसी शेष है।
25245 सदस्यों ने नहीं कराया ई-केवाईसी
धमतरी जिले में कुल 8 लाख 57 हजार 736 सदस्य दर्ज हैं। इनमें से अब तक 7 लाख 93 हजार 174 सदस्यों का बायोमेट्रिक ई-केवाईसी सत्यापन पूरा हो चुका है। 64 हजार 186 लोगों का सत्यापन लंबित है। इनमें 5 वर्ष से कम आयु के 39 हजार 317 बच्चे शामिल हैं, जिन्हें ई-केवाईसी से छूट प्रदान की गई है। 6 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद उनका ई-केवाईसी कराया जाएगा।
इसके अलावा 25245 लोगों का ई-केवाईसी सत्यापन अभी लंबित है। बताया गया है कि जिन लोगों ने ई-केवाईसी नहीं कराया है, उन्हें राशन का वितरण नहीं किया जा रहा है।
जिला खाद्य अधिकारी ने क्या कहा
जिला खाद्य अधिकारी बीके कोर्राम ने बताया कि केन्द्र से सूची प्राप्त हुई है और उसके आधार पर सर्वे कराया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद पात्रता नियमों के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर अपात्र पाए गए मामलों में वसूली और अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जा सकती है। उन्होंने बताया कि अब तक 4 हजार 300 राशन कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं।




