CG News: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री कर्ज माफी समेत 20 योजनाएं बंद, 10 के बदले नाम

CG News: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री कर्ज माफी समेत 20 योजनाएं बंद, 10 के बदले नाम

CG News: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर एक बार फिर सियासी हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि साय सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में कांग्रेस सरकार की 20 जनकल्याणकारी योजनाओं को दुर्भावनापूर्वक बंद कर दिया है। साथ ही 10 अन्य योजनाओं के नाम बदल दिए गए हैं।tcw

ये 20 योजनाएं बंद

दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ की जनता को निराशा हाथ लगी है। उन्होंने दावा किया कि साय सरकार ने पिछली कांग्रेस सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं को बंद कर दिया।

बैज के अनुसार बंद की गई योजनाओं में 400 यूनिट बिजली बिल हाफ योजना, राजीव मितान योजना, गोधन न्याय योजना, रीपा, शहीद महेंद्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक बीमा योजना, बेरोजगारी भत्ता, मुख्यमंत्री कर्ज माफी, सिंचाई कर माफी, महिला समूहों की ऋण माफी, मुख्यमंत्री आदिवासी परब सम्मान निधि, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ी परब सम्मान निधि, कोदो-कुटकी-रागी खरीदी योजना, नरवा-गरवा-घुरवा-बारी, मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय, मुख्यमंत्री महतारी दुलार, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना, धरसा विकास योजना, शहरी गरीबों को पट्टा एवं आवास योजना, छत्तीसगढ़िया ओलंपिक तथा मुख्यमंत्री सुपोषण योजना शामिल हैं।

CG News: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री कर्ज माफी समेत 20 योजनाएं बंद, 10 के बदले नाम

10 योजनाओं के बदले गए नाम

बैज ने कहा कि गोधन न्याय योजना और रीपा को पहले बंद किया गया और बाद में नए नामों से शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना का नाम बदलकर कृषक उन्नति योजना, डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना का नाम बदलकर शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य योजना तथा राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का नाम बदलकर दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना कर दिया गया।

अटल योजना, लेकिन मॉडल रीपा का

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि साय मंत्रिमंडल ने अंततः भूपेश सरकार की एक और योजना को नए नाम से चलाने की मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रीपा (ग्रामीण औद्योगिक पार्क) स्थापित किए थे, जो ग्रामीण उत्पादन, स्वसहायता समूहों और प्रसंस्करण इकाइयों के केंद्र के रूप में कार्य करते थे। यहां उत्पादों के विपणन की भी व्यवस्था थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद भाजपा ने इस योजना को बंद कर दिया था, लेकिन अब उसे अटल आजीविका समृद्ध द्वार योजना के नाम से फिर शुरू किया जा रहा है। बैज ने कहा कि भाजपा सरकार के पास अपना कोई मौलिक मॉडल नहीं है और वह कांग्रेस सरकार की योजनाओं को नए नाम से चलाने के लिए मजबूर हो रही है।

 

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