Mahadev Betting App: महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के मुख्य आरोपी और प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को CBI ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लेकर आई है। सोमवार को उसे दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया, जहां से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद अब CBI की टीम उसे रायपुर लेकर आएगी।
CBI के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर को सोमवार शाम तक रायपुर पहुंचाया जाएगा। इसके बाद उसे रायपुर की विशेष CBI कोर्ट में पेश किया जाएगा। महादेव सट्टा ऐप से जुड़े मामलों की जांच CBI कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले से जुड़ी 13 FIR जांच के लिए CBI को सौंपी थीं, जिनमें से दो मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय भी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जांच कर रहा है और सौरभ चंद्राकर के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल कर चुका है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी पर CBI को बधाई देते हुए कहा कि जांच के दौरान प्रोटेक्शन मनी और उससे जुड़े लोगों के बारे में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
116 दिन बाद ओमान से भारत लाया गया
CBI के अनुसार, महादेव सट्टा नेटवर्क की जांच शुरू होने के बाद से ही सौरभ चंद्राकर फरार चल रहा था। वह 2023 से दुबई में रह रहा था। उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने कथित तौर पर फर्जी पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल किया और बाद में ओमान पहुंच गया। रेड कॉर्नर नोटिस और खुफिया जानकारी के आधार पर ओमान की रॉयल पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।
इसके बाद CBI और ED ने भारत सरकार के माध्यम से ओमान को प्रत्यर्पण का प्रस्ताव भेजा। जांच से जुड़े दस्तावेज और सबूत उपलब्ध कराने के बाद प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी हुई। इसके बाद CBI की टीम मस्कट पहुंची और सौरभ चंद्राकर को भारत लेकर आई।
CBI, ED और इंटरपोल की मदद से हुई वापसी
सौरभ चंद्राकर को भारत लाने की प्रक्रिया में CBI, ED, इंटरपोल और ओमान की रॉयल पुलिस ने मिलकर काम किया। भारतीय एजेंसियों ने ओमान के अधिकारियों को मामले से जुड़े जरूरी सबूत सौंपे। प्रत्यर्पण की मंजूरी मिलने के बाद CBI टीम मस्कट पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर भारत लाई। CBI ने इस प्रक्रिया में सहयोग करने वाली सभी एजेंसियों का आभार जताया है।
भारत आने के बाद जांच आगे बढ़ेगी
भारत पहुंचने के बाद CBI सौरभ चंद्राकर से पूछताछ करेगी। इसके बाद जरूरत पड़ने पर ED भी उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है। जांच एजेंसियां महादेव सट्टा नेटवर्क, पैसों के लेन-देन, विदेशों में मौजूद संपत्तियों और इससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटाने में लगी हैं।
सौरभ ने सुरक्षा की मांग की थी
ओमान में हिरासत के दौरान सौरभ चंद्राकर ने भारत आने से पहले अपनी और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। उसने दावा किया था कि नेटवर्क से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोग उसे नुकसान पहुंचा सकते हैं। उसने जांच एजेंसियों को सहयोग करने और बिना दबाव के अपना पक्ष रखने का अवसर देने की मांग की थी।
सट्टा नेटवर्क के कई राज खुलने की संभावना
सौरभ चंद्राकर ने कथित तौर पर जांच एजेंसियों को महादेव सट्टा नेटवर्क से जुड़े लेन-देन, विदेशों में मौजूद संपत्तियों और अन्य गतिविधियों की जानकारी देने की बात कही थी। अब भारत आने के बाद पूछताछ में इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई अहम तथ्यों के सामने आने की संभावना है।
देशभर में फैला था सट्टेबाजी का नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक देश के बड़े अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क में शामिल था। इसके जरिए क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों पर ऑनलाइन सट्टा लगाया जाता था। नेटवर्क को चलाने के लिए अलग-अलग जगहों पर पैनल और ब्रांच बनाई गई थीं। इनके माध्यम से लोगों को सट्टेबाजी से जोड़ा जाता था और पैसों का लेन-देन किया जाता था।
हवाला के जरिए विदेश भेजे जाते थे पैसे
जांच में सामने आया कि सट्टेबाजी से मिलने वाली रकम को कई बैंक खातों के जरिए घुमाया जाता था। इसके बाद हवाला माध्यम से विदेश भेजे जाने की बात भी सामने आई है।
CBI ने इस मामले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है। वहीं ED भी इस मामले में कई संपत्तियां जब्त कर चुकी है।




