CG Anganwadi: कवर्धा। सेवा संकल्प अभियान के तहत एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना सहसपुर लोहारा के 259 आंगनबाड़ी केंद्रों में 28 सितंबर को ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चले कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, महिलाओं, बच्चों के अभिभावकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, मितानिनों और ग्रामीणों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को समुदाय से जोड़ना, महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण तथा प्रारंभिक शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी परिवारों तक पहुंचाना रहा। इस दौरान विकसित भारत-2047 के निर्माण में सहभागिता का संकल्प भी लिया गया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का हुआ सम्मान
आंगनबाड़ी केंद्र सिंगारपुर जंगल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लालाराम साहू और पूर्व जनपद सदस्य रवि राजपूत शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम को महिलाओं और बच्चों के हित में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए समुदाय की भागीदारी की सराहना की।
इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों को प्रशस्ति पत्र, श्रीफल और उपहार देकर सम्मानित किया गया। वहीं गर्भवती महिलाओं की गोदभराई भी कराई गई।
पौष्टिक आहार और पोषण का दिया संदेश
कार्यक्रम में खाद्यान्न, हरी सब्जियों और फलों से तैयार ‘मेरी पौष्टिक थाली’ का प्रदर्शन किया गया। इसके माध्यम से संतुलित आहार और कुपोषण मुक्त समाज का संदेश दिया गया।
सहसपुर लोहारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-01 में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू सहित कई जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद रहे। यहां दो गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और एक बच्चे का अन्नप्राशन कराया गया।
बच्चों की प्रतिभा को परखने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। महिलाओं ने गीत प्रस्तुत किए और हितग्राही महिलाओं ने महतारी वंदन योजना से मिले लाभ के अनुभव साझा किए। अतिथियों ने पोषण वाटिका का भ्रमण कर पौष्टिक सब्जियों और फलदार पौधों के महत्व की जानकारी ली।
लखनपुर और बांधाटोला में भी हुए आयोजन
लखनपुर और बांधाटोला आंगनबाड़ी केंद्रों में भी कार्यक्रम उत्साह के साथ आयोजित किया गया। यहां गर्भवती महिलाओं की गोदभराई, बच्चों का अन्नप्राशन और गीत, कविता सहित विभिन्न गतिविधियां कराई गईं।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया। महिलाओं ने शासन की योजनाओं से मिले लाभ के अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
न्योता भोज से सजा आंगन
सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को आकर्षक तरीके से सजाया गया था। बच्चों के लिए न्योता भोज और फल वितरण का आयोजन किया गया। खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ महिलाओं और युवतियों के लिए मेहंदी और रंगोली प्रतियोगिता भी कराई गई।
‘स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता’ के माध्यम से स्वस्थ और सुपोषित बच्चों तथा उनकी माताओं को प्रोत्साहित कर सम्मानित किया गया।
‘हर घर मुनगा’ का दिया संदेश
कुपोषण के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिका तैयार करने के लिए पौधारोपण किया गया। परिवारों को अपने घरों में भी पोषण वाटिका विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ का संदेश देते हुए लोगों को मुनगा लगाने का संकल्प दिलाया गया, ताकि परिवारों को पोषणयुक्त खाद्य सामग्री स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सके।
बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों में खिलौना बैंक को मजबूत करने के लिए समुदाय से खिलौने और खेल सामग्री दान करने की अपील की गई।
कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। महतारी वंदन योजना की राशि का उपयोग बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में करने वाली महिलाओं को ‘पोषण शक्ति सम्मान’ देकर प्रोत्साहित किया गया।
इसके साथ ही पात्र महिलाओं का प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पंजीयन भी किया गया। सहसपुर लोहारा परियोजना के सभी 259 आंगनबाड़ी केंद्रों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और ग्रामीणों की सहभागिता से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।




