CG Rain Alert: छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश से कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। बस्तर समेत कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी जिलों के कलेक्टरों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और प्रशासन हर स्थिति पर नजर बनाए रखे।
चक्रवात के असर से लगातार बारिश
बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात के प्रभाव से प्रदेश में पिछले 48 घंटों से लगातार बारिश हो रही है। इसका सबसे ज्यादा असर दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में देखने को मिल रहा है। भारी बारिश के कारण कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई है, जबकि कई गांवों का संपर्क भी टूट गया है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। कई जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं और प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है।
प्रदेश में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 25 सितंबर तक प्रदेश में सामान्य औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इस मानसून सीजन में अब तक 100.1 प्रतिशत सामान्य वर्षा हो चुकी है। बीते 24 घंटों में प्रदेश में औसतन 52.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
जगदलपुर में बाढ़ जैसे हालात
बस्तर संभाग में लगातार बारिश के कारण इंद्रावती नदी और उसके सहायक नाले उफान पर हैं। जगदलपुर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। अमागुड़ा क्षेत्र की बस्तियां जलमग्न हो गई हैं, वहीं कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ने से तोमर फार्म हाउस में पानी भर गया, जहां फंसे लोगों को निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीम पहुंची। कई इलाकों में सड़क और संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं।
कांकेर में स्कूल बंद
कांकेर जिले में लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। दूध नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों में अवकाश घोषित किया है।
बारिश के कारण कई जगह पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ, जिन्हें पुलिस और संबंधित विभाग की टीमों ने हटाया। लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है।
कोंडागांव में कई गांवों का संपर्क टूटा
कोंडागांव जिले में लगातार बारिश से पुल-पुलियों के ऊपर पानी बह रहा है। कई ग्रामीण क्षेत्रों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव टीमों को तैनात किया है।
सुकमा में निचली बस्तियां खाली कराई जा रहीं
सुकमा जिले में बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। कोंटा क्षेत्र की निचली बस्तियों को खाली कराया जा रहा है। कई गांवों में पानी भरने की स्थिति बनी हुई है।
राष्ट्रीय राजमार्ग के कुछ हिस्सों में भी पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ है। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात हैं।
गंगरेल बांध के 10 गेट खोले गए
धमतरी जिले में लगातार बारिश से जलाशय लबालब भर गए हैं। गंगरेल बांध में पानी का स्तर बढ़ने के बाद इसके 10 गेट खोल दिए गए हैं। इसके अलावा मुरुमसिल्ली, दुधावा और सोढ़ुर जलाशय से भी पानी छोड़ा जा रहा है।
महानदी का जलस्तर बढ़ने के कारण नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
बालोद में जनजीवन प्रभावित
बालोद जिले में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। नदियां, नाले और खेत पानी से भर गए हैं। जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
कई जगह छोटे नालों में पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।




