CG News: धमतरी जिले में प्रार्थना और चंगाई सभाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच क्रिश्चियन फोरम ने बड़ा फैसला लिया है। फोरम ने जिले के करीब 40 चर्चों और प्रार्थना सभा स्थलों में गैर-ईसाइयों के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। इसके बाद संबंधित चर्चों के बाहर सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं।
दरअसल, धमतरी में पिछले कुछ समय से चंगाई और प्रार्थना सभाओं को लेकर विरोध किया जा रहा था। इस मामले को लेकर हिंदू संगठनों ने भी आपत्ति जताई थी। वहीं कुछ दिन पहले कलेक्ट्रेट कार्यालय में 1500 से अधिक आवेदन पहुंचे थे, जिनमें लोगों ने प्रार्थना सभाओं में शामिल होने की इच्छा जताई थी।
विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन ने शांति समिति की बैठक आयोजित की थी। इसमें दोनों पक्षों से चर्चा कर क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर बातचीत की गई थी। इसके बाद क्रिश्चियन फोरम की ओर से चर्चों और प्रार्थना सभा स्थलों में गैर-ईसाइयों के प्रवेश को सीमित करने का फैसला लिया गया।
क्रिश्चियन फोरम ने बताई फैसले की वजह
क्रिश्चियन फोरम का कहना है कि प्रार्थना और चंगाई सभाओं को लेकर उन पर लगातार धर्मांतरण कराने के आरोप लगाए जाते हैं, जबकि फोरम इन आरोपों को गलत बताता है। फोरम के मुताबिक, बाहरी लोगों के आने से कई बार विवाद की स्थिति बनती है और पुलिस-प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ता है।
फोरम का कहना है कि विवाद और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए चर्चों में गैर-ईसाइयों के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
धर्मांतरण के मुद्दे पर पहले से विवाद
धमतरी में चंगाई सभा और प्रार्थना सभाओं को लेकर पिछले कुछ वर्षों से विवाद सामने आते रहे हैं। हिंदू संगठन इन सभाओं में धर्मांतरण और प्रलोभन के आरोप लगाते रहे हैं, जबकि ईसाई संगठनों की ओर से इन आरोपों से इनकार किया जाता रहा है।

